आपके लिये इसका मतलब: बीसलपुर बांध से पेयजल की आपूर्ति और मांग के बिगड़ने लगे समीकरण

बीसलपुर बांध पर लगातार पेयजल सप्लाई की निर्भरता बढ़ती जा रही है. इसलिए कृषि के पानी में कटौती की जा रही है.

बीसलपुर बांध पर लगातार पेयजल सप्लाई की निर्भरता बढ़ती जा रही है. इसलिए कृषि के पानी में कटौती की जा रही है.

Water crisis in rajasthan: जयपुर समेत इसके आसपास के 6 जिलों को पेयजल की आपूर्ति करने वाले बीसलपुर बांध (Bisalpur dam) में पानी बेहद कम रह गया है. इससे मांग और आपूर्ति के समीकरण गड़बड़ाने लग गये हैं. आने वाले कुछ समय में ये और भी खराब हो सकते हैं.

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जयपुर. जयपुर शहर (Jaipur city) सहित पूरे जयपुर जिले, दौसा, टोंक, नागौर, भीलवाड़ा और अजमेर जिलों की आबादी की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध (Bisalpur Dam) में आने वाले दिनों में पानी की किल्लत (Water crisis) हो सकती है. करीब 25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले बीसलपुर बांध में पानी जमा करने की कुल क्षमता 38.5 टीएमसी है लेकिन अब बांध में सिर्फ 16 टीएमसी पानी ही बचा है.

दो साल पहले ओवरफ्लो होने वाले बीसलपुर बांध से आस-पास के जिलों को कृषि और पेयजल के लिए पानी सप्लाई किया जाता है. बीसलपुर बांध से हर साल करीब 12 टीएमसी पानी सिर्फ पेयजल के लिए सप्लाई किया जाता है. जबकि समझौते के अनुसार बांध के आस-पास के जिलों में इससे भी ज्यादा पानी कृषि के लिए सप्लाई किया जाता है.

इस बार गर्मियों में तो बांध से पेयजल की आपूर्ति सीमित मात्रा में होगी

बीसलपुर बांध पर लगातार पेयजल सप्लाई की निर्भरता बढ़ती जा रही है. इसलिए कृषि के पानी में कटौती की जा रही है. यदि बीसलपुर बांध से पानी की सप्लाई कृषि के लिए रोक दी जाए और सिर्फ पेयजल के लिए की जाए तो ये बांध चार साल तक इस पर निर्भर सभी जिलों को पेयजल आपूर्ति कर सकता है. जलदाय विभाग का कहना है की इस बार गर्मियों में तो बांध से पेयजल की आपूर्ति सीमित मात्रा में ही की जा सकेगी. वहीं यदि इन्द्रदेव रूठ गए और सूर्य देव कोप में आए तो ये समीकरण और भी बिगड़ भी सकते हैं. क्योंकि ज्यादा गर्मी में बांध से पानी ज्यादा मात्रा में भाप बनकर उड़ जाता है.
दो साल पहले बांध में पानी की जबरदस्त किल्लत मची थी

बीसलपुर बांध से भाप से पानी उड़ने की मात्रा हर साल करीब बीस फीसदी के आस-पास तक पहुंच जाती है. दो साल पहले बीसलपुर बांध में पानी की जबरदस्त किल्लत मची थी. तब जलदाय विभाग ने ट्यूबवैल खोदकर गर्मियों में लोगों की प्यास बुझाने का इंतजाम किया था. लेकिन इस बार धरती मां की गोद में भी पानी की मात्रा बेहद चिंताजनक होने का कारण हालात और बिगड़ सकते हैं.

इन प्रोजेक्ट्स को भी दिया जाना है बीसलपुर से पानी



जलदाय विभाग के बीसलपुर प्रोजेक्ट अधीक्षण अभियंता शुभांषु दीक्षित का कहना है की इस बार गर्मियों में राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार चार बड़ी परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर है. पृथ्वीराज नगर, खो-नागोरियन और आमेर सहित कई परियोजनाओं की 850 कॉलोनियों को बीसलपुर बांध से पेयजल आपूर्ति करनी है.
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