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आपके लिये इसका मतलब: अधिकारियों की मनमानियों पर रोक लगाने की कोशिश, नियमों में संशोधन की तैयारी

इस नये बिल से कामकाज और शासन प्रणाली में पारदर्शिता आएगी.
इस नये बिल से कामकाज और शासन प्रणाली में पारदर्शिता आएगी.

Rajasthan Lodge Amendment Bill - 2021: अशोक गहलोत सरकार अवैध निर्माण (Illegal construction) के मामलों में कार्रवाई के दौरान होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने के लिये सख्त रवैया अपनाने जा रही है.

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जयपुर. राजस्‍थान की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) अधिकारियों की मनमानी रोकने के लिए सख्त रवैया अपनाने जा रही है. अधिकारी अब अवैध निर्माण (Illegal construction) की कार्रवाई पर उसे सीज तो कर सकते हैं, लेकिन उन्हें सील खोलने का अधिकार नहीं होगा. इसके लिए सरकार अलग से सक्षम अधिकार संपन्‍न अधिकारी नियुक्त करेगी.

नये नियमों के बाद सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही निर्माण की सील खोली जाएगी. राज्य सरकार राजस्थान लॉज अमेंडमेंट बिल- 2021 लाने जा रही है. कैबिनेट ने सरकुलेशन के जरिये इसका अनुमोदन कर दिया है. अब सरकार मौजूदा सत्र में यह बिल विधानसभा में पेश कर सकती है.

कई तरह की अनियमितताओं को लेकर शिकायतें
दरअसल, सरकार के पास अवैध निर्माण को सीज करने के दौरान कई तरह की अनियमितताओं को लेकर शिकायतें आ रही थीं. सरकार ने पहले सील करने और सील खोलने की प्रक्रिया तय करने के लिए एक कमेटी भी गठित की थी. कमेटी की रिपोर्ट से मिले फीडबैक के बाद सरकार ने अब सख्त रवैया अपनाया है. अवैध निर्माण और स्वीकृत गतिविधियों के विपरीत संचालन करने पर भवन और व्यवसायिक प्रतिष्ठान सीज किये जाते हैं. सरकार द्वारा गठित कमेटी की अनुशंसा पर ही गहलोत सरकार ने अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाया है.
अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने की कवायद


गहलोत सरकार के इस प्रस्तावित बिल से अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगेगा. कामकाज और शासन प्रणाली में पारदर्शिता आएगी. आम तौर पर यह देखा गया है कि अवैध निर्माण या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को सीज करने वाला अधिकारी अपनी मनमानी करता है. इससे पीड़ित व्यक्तियों को न्याय तो मिल नहीं पाता है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी बढ़ जाती है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का फोकस पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन है.
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