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Rajasthan: गुटबाजी के बीच पार्टी को एकजुट करने जयपुर पहुंचे BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा

नड्डा यहां अपने रोड शो और कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर जनता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को साफ संदेश देने की कोशिश करेंगे कि पार्टी सुप्रीम है नेता नहीं.

नड्डा यहां अपने रोड शो और कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर जनता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को साफ संदेश देने की कोशिश करेंगे कि पार्टी सुप्रीम है नेता नहीं.

BJP President JP Nadda's Jaipur Visit: जेपी नड्डा का राजस्थान दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब प्रदेश में बीजेपी टुकड़ों में बंटी हुई और विधानसभा उपचुनाव (Assembly by-election) सिर पर है. नड्डा यहां पार्टी को एकजुटता का संदेश देने आ रहे हैं.

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जयपुर. विधानसभा उपचुनाव (Assembly by-election) से पहले प्रदेश में बिखरी बीजेपी (BJP) को एकजुट करने के लिये आज पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) जयपुर पहुंच गये हैं. जेपी नड्डा की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब राजस्थान बीजेपी में गुटबाजी (Factionalism) चरम पर है और उप चुनाव सिर पर है. इस बिखराव के बीच पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की अघोषित देव दर्शन यात्रा का आगाज पहले ही हो चुका है. अब राजे के जन्मदिन पर 8 मार्च को भरतपुर के ब्रज चौरासी परिक्रमा पथ से शक्ति प्रदर्शन की भी तैयारी हो रही है.

राजे गुट के विधायक लगातार इस बात का दबाब बना रहे हैं कि राजे को राजस्थान में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा बनाया जाये. पार्टी में गुटबाजी इस कदर हावी है कि इसका असर उन सीटों पर अभी से नजर आ रहा है जहां विधानसभा उपचुनाव होने हैं. उपचुनाव की घोषणा से पहले कांग्रेस प्रदेश में दो किसान रैलियां कर एक तरह से चुनावी शंखनाद कर चुकी है. लेकिन बीजेपी में राजे गुट उपचुनाव को अपनी जोर आजमाइश का सही मौका मान रहा है.

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पहली चुनौती गुटबाजी पर लगाम लगाने की है
बीजेपी की पहली चुनौती गुटबाजी पर लगाम लगाकर चारों सीटों पर उम्मीदवार तय करना है. नड्डा अपने रोड शो और कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को साफ संदेश देने की कोशिश करेंगे कि पार्टी सुप्रीम है नेता नहीं. दूसरी तरफ कोर कमेटी की बैठक में सीनियर नेताओं को कड़ा संदेश देने की कोशिश भी की जायेगी कि पार्टी में गुटबाजी की जगह नहीं है एकजुटता दिखायें ताकि उप चुनाव में कांग्रेस को पटखनी दे सकें.

उपचुनाव बीजेपी कांग्रेस दोनों के लिए अब सबसे बड़ी परीक्षा है
बीजेपी की एक बड़ी चिंता ये भी है कि कांग्रेस ने गहलोत और पायलट को एक साथ खड़ा कर गुटबाजी तथा कलह पर काबू पा लिया है. इससे उपचुनाव में कांग्रेस बीजेपी के लिए बडी चुनौती बनकर खड़ी है. उपचुनाव बीजेपी कांग्रेस दोनों के लिए अब सबसे बड़ी परीक्षा है.
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