मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे क्यों रहे अशोक गहलोत? पढ़ें, वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं
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Facts About Ashok Gehlot: अशोक गहलोत 10 साल तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और नए मुख्यमंत्री के रूप में उनका नाम चल रहा है. यहां पढ़ें, अशोक गहलोत के बारे वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं...

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तीसरी बार राजस्थान की कमान संभालने जा रहे  अशोक गहलोत भले ही पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव रहते हुए राष्ट्रीय राजनीति में व्यस्त रहे हों,  लेकिन इसके साथ वे राजस्थान राजनीति पर भी वे बारीकी से नजर रखते रहे हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने गहलोत के राजनीतिक कद को और बढ़ा दिया है. इन नतीजों के बाद वे सीएम पद के दावेदारों में लगातार आगे बने रहे हैं.

विधानसभा चुनावों में गहलोत ने लगातार स्टार प्रचारक के तौर पर पूरे प्रदेश में प्रचार किया. गुजरात और कर्नाटक के चुनावों में गहलोत की सक्रियता राजनीतिक हलकों में चर्चा में रही थी. अशोक गहलोत आज राजस्थान के साथ साथ कांग्रेस की केंद्रीय राजनीति का बड़ा चेहरा हैं. आइए एक नजर डालते हैं गहलोत के अब तक के सामाजिक और राजनीतिक सफर पर.

अशोक गहलोत का जन्‍म 3 मई 1951 को जोधपुर में हुआ. गहलोत के पिता स्‍व. लक्ष्‍मण सिंह गहलोत जादूगर थे. अशोक गहलोत ने विज्ञान और कानून में स्‍नातक डिग्री की और अर्थशास्‍त्र में स्‍नातकोत्‍तर डिग्री की. गहलोत का विवाह 27 नवम्‍बर, 1977 को सुनीता गहलोत के साथ हुआ. गहलोत के एक पुत्र (वैभव गहलोत) और एक पुत्री (सोनिया गहलोत) हैं. गहलोत को जादू और घूमना-फिरना पसन्‍द है.



गहलोत छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे, कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के साथ राजनीतिक कॅरियर शुरू किया. गहलोत साल 1973 से 1979 की अवधि के बीच राजस्‍थान NSUI के अध्‍यक्ष रहे, साल 1979 से 1982 के बीच जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष रहे, साल 1982 में गहलोत कांग्रेस के प्रदेश महासचिव रहे.
गहलोत 1980 में पहली बार जोधपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने, गहलोत इसके बाद 1984, 1991,1996 और 1998 में भी जोधपुर से सांसद का चुनाव जीते, गहलोत जोधपुर से पांच बार सांसद रहे. 1998 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 156 सीटें मिली और अशोक गहलोत पहली बार मुख्यमंत्री बने, गहलोत सांसद रहते हुए ही मुख्यमंत्री बने थे. गहलोत फरवरी 1999 में सरदारपुरा से विधानसभा चुनाव जीते. 1999 के बाद गहलोत लगातार सरदारपुरा से विधायक हैं, पांचवी बार गहलोत फिर यहीं से चुनाव लड़ रहे हैं. 2008 और 2013 में गहलोत लगातार दो बार सीएम रहे.

अशोक गहलोत को कांग्रेस संगठन में काम करने का लंबा अनुभव रहा है, तीन बार कांग्रेंस के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं. पहली बार गहलोत सितम्‍बर 1985 से जून 1989 की अवधि में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहे, इसके बाद 1 दिसम्‍बर 1994 से जून 1997 तक दूसरी बार और जून 1997 से 14 अप्रैल 1999 तक तीसरी बार कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहे. गहलोत ने कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में भी काम करने का लंबा अुनभव रहा, गहलोत 17 जुलाई 2004 से 18 फरवरी 2009 तक गहलोत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव रहे . 2017 से गहलोत कांग्रेस के संगठन महासचिव हैं.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का राजनीतिक सफर


दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्र रहे, तीन बार कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके
 1982 से लेकर 1998 तक पांच बार जोधपुर से सासंद रहे गहलोत,
 तीन प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने का अनुभव, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव की सरकारों में मंत्री रहे गहलोत
 तीन बार केंद्रीय मंत्री : 2 सितम्‍बर 1982 से 7 फरवरी 1984 पर्यटन और नागरिक उड्डयन उपमंत्री, 7 फरवरी 1984 से 31 अक्‍टूबर 1984 और 12 नवम्‍बर, 1984 से 31 दिसम्‍बर 1984 तक खेल उपमंत्री, 31 दिसम्‍बर 1984 से 26 सितम्‍बर 1985 तक केन्‍द्रीय पर्यटन और नागरिक उड्डयन राज्‍य मंत्री, 21 जून 1991 से 18 जनवरी 1993 तक कपड़ा राज्य मंत्री
 गहलोत जून 1989 से नवम्‍बर 1989 की अवधि के बीच राजस्‍थान सरकार में गृह और पीएचईडी मंत्री रह चुके हैं
 गहलोत ने कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में भी काम करने का लंबा अुनभव रहा, गहलोत 17 जुलाई 2004 से 18 फरवरी 2009 तक गहलोत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव रहे, 2017 से संगठन महासचिव के रूप में काम कर रहे गहलोत तीन बार कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके
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