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चना खरीद बंद: 2102 करोड़ के नुकसान का अंदेशा, किसान महापंचायत ने सरकार को दी बड़ी चेतावनी

चना खरीद बंद: 2102 करोड़ के नुकसान का अंदेशा, किसान महापंचायत ने सरकार को दी बड़ी चेतावनी

किसान महापंचायत ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

किसान महापंचायत ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

किसान महापंचायत के मुताबिक प्रदेश में 3 दिन बाद सरकारी खरीद कभी भी बंद की जा सकती है. ऐसा होने पर किसानों (Farmers) को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.

जयपुर. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना की पूरी खरीद की मांग कर रही किसान महापंचायत ने आंदोलन की चेतावनी दी है. किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के साथ ही प्रदेश के सभी 25 लोकसभा सांसदों को पत्र भेजा है जिसमें चने के दाने-दाने की खरीद की मांग की गई है. पत्र में कहा गया है कि अगर चना की खरीद यथावत जारी नहीं रखी जाती है तो गांव बंद आंदोलन होगा. साथ ही दिल्ली कूच जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं. गांव बंद आंदोलन के तहत गांव में उत्पादित होने वाली कोई भी वस्तु शहर में नहीं आने दी जाएगी. रामपाल जाट ने सभी सांसदों से भी इस आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया है. किसान महापंचायत के मुताबिक प्रदेश में 3 दिन बाद सरकारी खरीद कभी भी बंद की जा सकती है. ऐसा होने पर किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. प्रदेश के करीब 32 हजार ऐसे किसान भी खरीद से वंचित रह जाएंगे जिनका पंजीयन हो चुका है.

किसानों को होगा नुकसान

किसान महापंचायत द्वारा भेजे गए पत्र के मुताबिक नैफेड द्वारा कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपज खरीद का ही प्रावधान है. राजस्थान में खरीद का लक्ष्य 6.15 लाख टन तय किया गया था जो कुल उत्पादन का 22.45 प्रतिशत है. प्रदेश में अभी 5.83 लाख टन चना की खरीद हो चुकी है, जबकि अभी 21.02 लाख टन चना खरीद बाकि है. यह चना किसानों को बाजार में औने-पौने दामों में बेचना पड़ेगा. बाजार में चने का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुकाबले 1000 से लेकर 1200 रुपए प्रति क्विंटल तक कम है. अगर अंतर 1000 रुपए का भी माना जाए तो किसानों को अनुमानित तौर पर 2102 करोड़ का नुकसान हो सकता है.

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हटाई जाए खरीद सीमा

किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट ने प्रधानमंत्री आय संरक्षण अभियान के तहत अधिकतम 25 प्रतिशत खरीद के प्रतिबंध को खत्म कर पूरी उपज खरीद का प्रावधान किए जाने की मांग की है. किसान महापंचायत ने यह भी कहा है कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से खरीद सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर सकती है, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देकर राज्य सरकार इससे बचती है. उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का जिम्मा क्योंकि केन्द्र सरकार का है, लिहाजा केन्द्र सरकार को इसकी भरपाई करनी चाहिए.

 

Tags: Chief Minister Ashok Gehlot, Farmers, Farmers Protest, Rajasthan government, Rajasthan news

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