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Jaipur: सरकार की यह योजना करेगी किसानों को मालामाल, 60% तक अनुदान भी मिलेगा, ऐसे उठाएं लाभ

किसानों के लिए फायदे की बात यह भी है कि वे अपने हिस्से से लगने वाली 40 प्रतिशत राशि में से 30 प्रतिशत तक का बैंक से लोन ले सकते हैं.
किसानों के लिए फायदे की बात यह भी है कि वे अपने हिस्से से लगने वाली 40 प्रतिशत राशि में से 30 प्रतिशत तक का बैंक से लोन ले सकते हैं.

Kusum Yojana: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साल 2020-21 के बजट में 25 हजार सौर ऊर्जा पंप संयंत्र लगाने की घोषणा की थी और इसके लिए 267 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था.

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जयपुर. किसानों (Farmers) की डीजल पर निर्भरता कम कर सौर ऊर्जा से जोड़ने वाली कुसुम योजना (Kusum Yojana) के तहत प्रदेश में सौर ऊर्जा पंप संयंत्र (Solar power pump plant) लगने शुरू हो गए हैं. योजना के तहत स्थापित किए गए पहले साढ़े सात हॉर्स पावर क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन सोमवार को कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने किया. जयपुर जिले की झोडवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के कापड़ियावास गांव में यह पहला अनुदानित सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र लगाया गया है. जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन नहीं है और डीजल पर निर्भरता है, उन्हें योजना के तहत अनुदान पर 3 हॉर्स पॉवर से लेकर 7.5 हॉर्स पॉवर क्षमता तक के संयंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साल 2020-21 के बजट में 25 हजार सौर ऊर्जा पंप सयंत्र लगाने की घोषणा की थी और इसके लिए 267 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था. इतनी ही राशि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से पीएम कुसुम कम्पोनेंट-बी योजना के तहत उपलब्ध करायी जा रही है. कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया के मुताबिक प्रदेश में पहली बार 7.5 एचपी क्षमता का अनुदानित सयंत्र स्थापित किया गया है. इससे पहले 5 एचपी क्षमता के संयंत्र ही लगाए जाते थे. यह संयंत्र स्थापित कर राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बन गया है. कटारिया के मुताबिक योजना में 10 एचपी तक के सयंत्र भी स्थापित किये जा सकते हैं, लेकिन इनमें अनुदान 7.5 एचपी मानते हुए ही दिया जाएगा.

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किसानों को 60 प्रतिशत अनुदान
योजना के तहत स्थापित किये जाने वाले सौर ऊर्जा पंप सयंत्रों पर किसानों को 60 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान है. किसानों के लिए फायदे की बात यह भी है कि वे अपने हिस्से से लगने वाली 40 प्रतिशत राशि में से 30 प्रतिशत तक का बैंक से लोन से ले सकते हैं. योजना का मकसद किसानों की डीजल पर निर्भरता कम करना है. इससे किसान को तो आर्थिक रूप से फायदा होगा ही देश का पैसा बचेगा और प्रदूषण भी कम होगा. डीजल के लगातार आसमान छूते दामों के दौर में किसानों का इस योजना के प्रति अच्छा रुझान मिल रहा है.
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