नींदड़ में किसान सभा से शुरू हुआ 'खेत बचाओ-किसान बचाओ’ आंदोलन

जयपुर के नींदड़ में किसान सभा के साथ बुधवार को 'खेत बचाओ-किसान बचाओ’ आंदोलन शुरू हुआ.

News18Hindi
Updated: July 11, 2018, 2:10 PM IST
नींदड़ में किसान सभा से शुरू हुआ 'खेत बचाओ-किसान बचाओ’ आंदोलन
जयपुर के नींदड़ में किसान सभा के दौरान जेडीए के नोटिस की होली जलाई गई.
News18Hindi
Updated: July 11, 2018, 2:10 PM IST
राजस्थान की राजधानी जयपुर के नींदड़ गांव में हुई किसान सभा में बुधवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के भूमि अधिग्रहण नोटिसों की होली जलाई गई. सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने एक इंच जमीन भी सरकार को नहीं देने की बात कही. इस किसान सभा के साथ ही जयपुर में किसानों के 'खेत बचाओ-किसान बचाओ’ आंदोलन की शुरुआत हुई है. इसकी अगुवाई कांग्रेस नेता डॉ. नगेंद्र सिंह शेखावत कर रहे हैं. शेखावत की अगुवाई में ही पिछले साल नींदड़ में जमीन समाधि सत्याग्रह पर किसानों ने आंदोलन किया था.

शेखावत ने बताया कि सरकार के खिलाफ शुरू किए इस आंदोलन 'खेत बचाओ-किसान बचाओ’ का आगाज बुधवार को नींदड़ में किसान सभा के साथ हुआ है. पहली सभा में ही किसानों ने अपने इरादों से जता दिया है कि वे सरकारी नीतियों के खिलाफ घुटने टेकने वाले नहीं हैं.

किसान सभा के संयोजक नगेंद्र सिंह के अनुसार आंदोलन के तहत किसानों की पहली सभा नींदड़ में हुई है और अलग-अलग गांवों में जाकर किसान सभाओं आयोजन किया जाएगा. इन सभाओं में किसानों के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. शेखावत ने बताया कि किसानों की आवाज बुलंद करने के लिये जयपुर के किसानों को एकजुट करने का काम शुरू किया है. इसके तहत प्रत्येक गांव में किसानों की बैठक आयोजित की जा रही है. सभी गांवों की बैठकों के बाद एक महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें सरकार से किसानों के मुद्दों का समाधान निकालने की मांग की जाएगी.

इन मुद्दों पर एकजुट होंगे किसान

भूमि अधिग्रहण, कृषि उत्पाद, दूध, सब्जियों का उचित मूल्य और किसान कल्याण सहित कई मुद्दे हैं आदि मांगों को लेकर किसान एकजुट होंगे. जयपुर में भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान पहले कई बार आंदोलन कर चुके हैं. पिछले साल नींदड़ जमीन समाधि सत्याग्रह भी काफी चर्चित रहा लेकिन किसान आज भी सरकार की वादा खिलाफ का आरोप लगा रहे हैं. इसी के चलते अब किसान फिर से एकजुट होकर सम्मिलित रूप से सरकार के सामने आवाज उठाने जा रहे हैं.

 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर