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किसान अधिकार दिवस: पायलट बोले- केंद्र जिद नहीं छोड़ेगा तो इलाज करना पड़ेगा

पायलट ने कहा कि किसान विरोधी इन कानूनों को वापस नहीं करवाया तो आने वाली पीढियां माफ नहीं करेंगी.
पायलट ने कहा कि किसान विरोधी इन कानूनों को वापस नहीं करवाया तो आने वाली पीढियां माफ नहीं करेंगी.

केन्द्रीय कृषि बिलों (central agricultural law) और पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के विरोध में आज कांग्रेस (Congress) ने जयपुर धरना दिया. इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने केन्द्रीय सरकार को जमकर घेरा और तंज कसे.

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जयपुर. केन्द्रीय कृषि बिलों (central agricultural law) और पेट्रोल- डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ राजधानी जयपुर में शुक्रवार को कांग्रेस (Congress) ने बड़ा धरना दिया. सिविल लाइन फाटक पर आयोजित इस धरने में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा समेत राज्य सरकार के कई मंत्री और हजारों कार्यकर्ता शामिल हुये. धरने में कांग्रेस नेताओं ने केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला.

कांग्रेस आज किसान अधिकार दिवस मना रही है. इस मौके पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुये सचिन पायलट ने कहा कि आज जिस मुद्दे पर आज पूरा देश विचलित है उसी मुद्दे पर हमारा धरना है. केन्द्र ने जबर्दस्ती कृषि बिल बनाकर लागू किये हैं. धरातल पर रहने वाले किसान की बात को अनसुना किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने जो टिपण्णी की वो गंभीर है. इतने दौर की वार्ता कर रहे हैं. लेकिन अब यह साफ हो गया है कि केन्द्र सरकार अड़ियल है. पायलट ने कहा कि हम किसानों के साथ खड़े हैं.





कानूनों को वापस नहीं करवाया तो आने वाली पीढियां माफ नहीं करेंगी
पायलट ने कहा कि किसानों को माओवादी बताया जा रहा है. कांग्रेस इन सबको बर्दाश्त नहीं करने वाली है. आज कोई चुनाव नहीं है, लेकिन हमें जागरुक होने के नाते किसान के साथ खड़ा होना है. पायलट ने कहा कि केंद्र जिद नहीं छोड़ेगा तो इलाज भी करना पड़ेगा. सरकारें आएंगी और जाएंगी लेकिन किसान विरोधी इन कानूनों को वापस नहीं करवाया तो आने वाली पीढियां माफ नहीं करेंगी.

किसान की बात सुनने के लिए सरकार बनाई थी, मन की बात सुनने के लिए नहीं
पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि बीजेपी राज में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ गए हैं. केन्द्र किसान की आवाज को नही सुन रहा है. किसान की बात सुनने के लिए सरकार बनाई थी, मन की बात सुनने के लिए नहीं. केन्द्र सरकार मंडी व्यवस्था को खत्म करना चाहती है. पहले भूमि अधिग्रहण और अबकी बार कृषि बिल. कांग्रेस इस अन्याय को नहीं सहेगी. धरने में मुख्य सचेतक महेश जोशी, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, भंवर सिंह भाटी, शांति धारीवाल, बीडी कल्ला, टीकाराम जूली, अशोक चांदना और लालचन्द कटारिया समेत कई विधायक और सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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