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किसानों को मिलेगी सौगात: सहकारी समितियां अब मंडी यार्ड के रूप में होंगी विकसित

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: January 23, 2020, 5:49 PM IST
किसानों को मिलेगी सौगात: सहकारी समितियां अब मंडी यार्ड के रूप में होंगी विकसित
सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के. पवन के मुताबिक इस फैसले से किसान को अपनी फसलें बेचने और खाद-बीज खरीदने के लिए अलग-अलग जगहों पर नहीं भटकना पड़ेगा.

प्रदेश में जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों और क्रय विक्रय सहकारी समितियों के पास मंडी यार्ड (Market yard) विकसित करने के लिए जमीन है उन्हें मंडी यार्ड के लाइसेंस जारी (License issued) किए जाने की तैयारी की जा रही है.

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जयपुर. किसानों (Farmers) की सुविधा के मद्देनजर प्रदेश की सहकारी समितियों (Co-operative societies) को अब मंडी यार्ड के रूप में विकसित किया जाएगा. जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों और क्रय विक्रय सहकारी समितियों के पास मंडी यार्ड (Market yard) विकसित करने के लिए जमीन है उन्हें मंडी यार्ड के लाइसेंस जारी (License issued) किए जाने की तैयारी की जा रही है.

किसानों को मिलेगी सुविधा, सहकारी समितियों की बढ़ेगी आय
सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के. पवन के मुताबिक इस फैसले से किसान को जहां अपनी फसलें बेचने और खाद-बीज खरीदने के लिए अलग-अलग जगहों पर नहीं भटकना पड़ेगा, वहीं सहकारी समितियों की आय में भी इससे बढ़ोतरी होगी. फिलहाल इस सम्बन्ध में जिला कलेक्टर्स को कृषि और सहकारिता विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है. प्रस्ताव आने के बाद कृषि विपणन बोर्ड से इन समितियों को लाइसेंस आवंटित किए जाएंगे. प्रदेश में करीब साढ़े 6 हजार ग्राम सेवा सहकारी समितियां और करीब 250 क्रय-विक्रय सहकारी समितियां हैं.

अब फसल बेचान का भुगतान 3 दिन के भीतर ही किया जा रहा है

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित के लिए कदम उठा रही है. हाल ही में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने दावा किया था कि किसानों के हितों के लिए उठाए जा रहे इन प्रयासों के तहत प्रदेश में किसानों को पहली बार उनकी फसलों के बेचान का भुगतान केवल 3 दिन के भीतर ही किया जा रहा है. इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंगफली, मूंग, उड़द और सोयाबीन बेचने वाले किसानों में से 94 प्रतिशत का भुगतान उनके खातों में कर दिया गया है. पहले किसानों को भुगतान के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता था.

1,497 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया
मंत्री आंजना के मुताबिक किसानों को जल्द भुगतान के लिए इस बार वेयर हाउस ई-रिसिप्ट सेवा शुरू की गई है. इसके कारण किसानों को समय पर भुगतान किया जाना संभव हो पा रहा है. इसके लिए राज्य सरकार के स्तर पर मद भी सृजित किया गया है. प्रदेश में अब तक 1,590 करोड़ रुपए की उपज किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी गई है. इसमें से 1,497 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है. 

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First published: January 23, 2020, 5:42 PM IST
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