लाइव टीवी
Elec-widget

BHU विवाद: फिरोज़ के पिता ने कहा, मैंने जिंदगीभर संस्कृत से की मुहब्बत, अब दिल कचोट रहा है

Arbaaz Ahmed | News18 Rajasthan
Updated: November 18, 2019, 6:14 PM IST
BHU विवाद: फिरोज़ के पिता ने कहा, मैंने जिंदगीभर संस्कृत से की मुहब्बत, अब दिल कचोट रहा है
फिरोज़ के पिता कहते हैं कि 'मैंने जिंदगीभर संस्कृत से मुहब्बत की है'.

जयपुर (Jaipur) के बगरू निवासी फिरोज़ (Assistant Professor Firoz Khan) का बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (Banaras Hindu University) में चयन विवाद की वजह बना हुआ है. इस पूरे मामले में फिरोज़ के पिता कहते हैं कि 'मैंने जिंदगीभर संस्कृत से मुहब्बत की और बेटे को भी दूसरी कक्षा से संस्कृत की तालीम दिलवाई. लेकिन अब दिल कचोट रहा है.'.

  • Share this:
जयपुर. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (Banaras Hindu University) में जयपुर (Jaipur) के बगरू निवासी फिरोज़ (Assistant Professor Firoz Khan) का चयन विवाद की वजह बना हुआ है. बीएचयू (BHU) में छात्र धरने पर हैं और मामले को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है. लेकिन इसके उलट फिरोज़ का परिवार हंगाम के बाद से अपने होनहार लाडले को लेकर चिंता में हैं. फिरोज़ के पिता कहते हैं कि 'मैंने जिंदगीभर संस्कृत से मुहब्बत की और बेटे को भी दूसरी कक्षा से संस्कृत की तालीम दिलवाई. लेकिन अब दिल कचोट रहा है कि इस मुकाम पर पहुंचकर भी कुछ लोगों के विरोध के चलते उनके बेटे का कॅरियर दांव पर लग गया है'.

पिता भी संस्कृत में 'शास्त्री', बेटे को भी संस्कृत में दिलाई तालीम
फिरोज़ के पिता ने बताया कि उपाध्य तक की पढ़ाई उन्होंने महापुरा संस्कृत शाला (Government Sanskrit Shastri College Mahapura) से की और बाद में शास्त्री तक यहीं रहते हुए ज्ञानार्जन किया. हिंदुस्तानी संस्कृति में रचे-बसे ग्रामीण परिवेश और संस्कृत शिक्षा में कई विद्वानों के साथ रहने का अवसर मिला. उन्होंने बताया कि यही कारण था कि मैंने अपने बेटे को भी संस्कृत में ही शिखा-दीक्षा दिलवाई. फिरोज़ की संस्कृत में रुचि और परिश्रम के चलते संस्कृत विद्वानों को स्नेह भी रहा और इसी के चलते उसे प्रसाद के रूप में संस्कृत का ज्ञान मिला.

लगता है कि मुर्गे की दुकान खुलवा देता तो अच्छा लगता!

फिरोज़ का परिवार आज भी तंगहाली के माहौल में जैसे-तैसे गुजारा कर रहा है. उसके पिता कहते हैं कि कभी मजहब के आधार पर बच्चों को भाषा में फर्क करना नहीं सिखाया, जैसी यहां की संस्कृति रही है. कोई आपस में हिंदू-मुस्लिम में भेद नहीं करता. यही वजह रही कि संस्कृत में तालीम हासिल कर फिरोज़ अपनी योग्यता से बीएचयू तक पहुंचा. लेकिन बीएचयू में जो विरोध हो रहा है उसे देखकर मन कचोटता है. वो कहते हैं कि इन विरोध करने वालों को क्या तब अच्छा लगता जब मैं फिरोज़ को पढ़ाई की जगह मुर्गे की दुकान खुला दी होती?

ये भी पढ़ें- 
BHU में विवाद से चर्चा में आया जयपुर का यह संस्कृत स्कूल, यहां 80% छात्र मुस्लिम
Loading...

बस-ट्रक भिड़ंत में 12 की मौत, 20 से अधिक घायल, CM ने जताया दुख

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जयपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 18, 2019, 5:57 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...