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गहलोत सरकार की पहली वर्षगांठ: सिलिकोसिस पीड़ितों को दिया बड़ा तोहफा, 1500 रुपए प्रतिमाह मिलेगी पेंशन
Jaipur News in Hindi

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: December 16, 2019, 6:40 PM IST
गहलोत सरकार की पहली वर्षगांठ: सिलिकोसिस पीड़ितों को दिया बड़ा तोहफा, 1500 रुपए प्रतिमाह मिलेगी पेंशन
राजस्थान सिलिकोसिस पॉलिसी को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है.

प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने अपनी पहली वर्षगांठ (First anniversary) के मौके पर सिलिकोसिस से पीड़ित (Suffering from silicosis) 22 हजार श्रमिकों को बड़ा तोहफा (Big gift) दिया है. सरकार सिलिकोसिस से पीड़ित व्यक्तियों को अब हर महीने 1500 रुपए पेंशन (Pension) देगी.

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जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने अपनी पहली वर्षगांठ (First anniversary) के मौके पर सिलिकोसिस से पीड़ित (Suffering from silicosis) 22 हजार श्रमिकों को बड़ा तोहफा (Big gift) दिया है. सरकार सिलिकोसिस से पीड़ित व्यक्तियों को अब हर महीने 1500 रुपए पेंशन (Pension) देगी. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (Social Justice and Empowerment Department) ने सोमवार को इसके आधिकारिक आदेश जारी कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा (Budget announcement) पर मुहर लगा दी है.

मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में की थी घोषणा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण में सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित लोगों को हर महीने 1500 रुपए पेंशन देने की घोषणा की थी. राजस्थान सिलिकोसिस नीति-2019 के तहत श्रमिकों को 1500 रुपए प्रतिमाह बतौर पेंशन मिलेंगे. 17 दिसंबर को गहलोत सरकार को एक साल पूरा हो रहा है. पेंशन के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे.

पेंशन के लिए यह पात्रता की गई है निर्धारित



सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी आदेश में पेंशन के लिए पात्रता निर्धारित की गई है. इसके अनुसार पीड़ित व्यक्ति राजस्थान का निवासी होना चाहिए. अन्य राज्यों के वे श्रमिक जो राजस्थान में कार्य करते हुए सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित हुए हैं वे भी पेंशन का हकदार होंगे. इसके लिए जरूरी है कि पीड़ित के पास सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित होने का प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र होना चाहिए. यदि सिलिकोसिस से पीड़ित व्यक्ति अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन का पात्र है तो भी उसे दोनों में से जो अधिक लाभदायक होगी उस श्रेणी में पेंशन मिलेगी. सिलिकोसिस से पीड़ित व्यक्ति को पेंशन स्वीकृत के लिए आय की सीमा बाध्यता नहीं होगी. सिलिकोसिस पीड़ित का प्रमाण-पत्र जारी होते ही पेंशन स्वत: स्वीकृत हो जाएगी.



सिलिकोसिस पॉलिसी को लागू करने वाला देश का पहला राज्य
राजस्थान सिलिकोसिस पॉलिसी को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है. इस पॉलिसी की खास बात यह है कि सिलिकोसिस पीड़तों को 5 लाख रुपए मुआवजा मिलेगा. वहीं जीवन यापन के लिए प्रतिमाह 1500 रुपए की पेंशन भी मिलेगी. सिलिकोसिस के ज्यादातर मरीज खदानों में काम करने वाले होते हैं. सिलिका युक्त धूल में लगातार सांस लेने से फेफड़ों में होने वाली बीमारी को सिलिकोसिस कहा जाता है. इसमें मरीज के फेफड़े खराब हो जाते हैं. पीड़ित व्यक्ति का सांस फूलने लगता है. इलाज न मिलने पर मरीज की मौत भी हो जाती है.

 

3 अक्टूबर को सिलिकोसिस नीति की घोषणा हुई थी
सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि गहलोत सरकार ने सिलिकोसिस से पीड़ित व्यक्तियों को पेंशन देकर देश में सर्वश्रेष्ठ उदाहरण पेश किया है. राजस्थान में 3 अक्टूबर को सिलिकोसिस नीति की घोषणा हुई थी. उस घोषणा के तहत सरकार ने पहला यह बड़ा कदम उठाया है. उल्लेखनीय है कि राजस्थान में उदयपुर, भीलवाड़ा, करौली, कोटा, बारां और चित्तौड़गढ़ समेत अन्य जिलों में खनन कार्य में बड़ी संख्या में मजदूर लगे हैं.

 

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First published: December 16, 2019, 6:33 PM IST
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