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राजस्थान में डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला केस मिलने से खलबली, स्वास्थ्य मंत्री शर्मा ने कहा- करा रहे हैं जांच

राजस्थान में डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला केस मिलने से खलबली, स्वास्थ्य मंत्री शर्मा ने कहा- करा रहे हैं जांच

राजस्थान में डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला केस मिला है. सरकार इसे लेकर अलर्ट मोड पर आ गई है.

राजस्थान में डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला केस मिला है. सरकार इसे लेकर अलर्ट मोड पर आ गई है.

Rajasthan News: कोरोना के डेल्टा पल्स वेरिएंट का पहला मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार अलर्ट हो चुकी है. बीकानेर में एक और जहां एहतियातन कदम उठाए गए हैं तो अब डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर सैंपल की जांच तेज कर दी गई है.

जयपुर. राजस्थान में कोरोना के डेल्टा पल्स वैरिएंट (Delta Plus variant) का पहला मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार अलर्ट हो चुकी है. बीकानेर में एक और जहां एहतियातन कदम उठाए गए हैं तो अब डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर सैंपल की जांच तेज कर दी गई है. प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर की धार कुछ कुंद पड़ने के साथ ही अब अगस्त-सितंबर में तीसरी लहर को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही है. इस बीच कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस के राजस्थान में दस्तक देने के साथ ही चिंताएं बढ़ गई है.

बीकानेर की एक महिला में डेल्टा प्लस वैरिएंट रिपोर्ट हुआ है. जिसके बाद राज्य सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है. राज्य सरकार के निर्देशों के बाद बीकानेर प्रशासन द्वारा एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं. चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट रिपोर्ट होने के बाद बीकानेर में पैनी नजर रखी जा रही है. संबंधित क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन बनाने के साथ ही सैंपलिंग की जा रही है. उन्होंने बताया कि देश के 11 राज्यों में यह वैरिएंट सामने आया है. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सैंपलिंग तेज कर दी है. लोगों को अब ओर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है.

कोरोना का डेल्टा वैरिएंट काफी एग्रेसिव था और दूसरी लहर में मचे हाहाकार के पीछे भी डेल्टा वैरिएंट ही था. अब डेल्टा प्लस वैरिएंट सामने आने से चिंताएं ज्यादा बढ़ गई है. एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में जिनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा शुरू हो चुकी है. इसलिए डेल्टा प्लस वैरिएंट राजस्थान में किस तेजी से बढ़ रहा है उसका पता जल्दी लगाया जा सकता है. ताकि समय रहते एहतियातन कदम उठाए जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि नए वैरिएंट का पता लगाने के लिए 100 घंटे की जांच जरूरी है. उन्होंने बताया कि नए वैरिएंट का पता लगाने के लिए सैंपल को 5 दिनों तक 11 स्टेप से गुजारना पड़ता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अब कोरोना गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करना और ज्यादा जरूरी हो चुका है, क्योंकि डेल्टा वैरिएंट बहुत तेजी से स्प्रेड होता है.

Tags: Corona Update News, Coronavirus cases in Rajasthan, Delta Plus Variant, Rajasthan News Update

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