Rajasthan. पंचवर्षीय योजनाएं बन रहीं सरकारी भर्तियां ! 7 साल बाद हो रही पशु चिकित्सकों की भर्ती भी अटकी

पशु चिकित्सकों की पिछली भर्ती साल 2013 में हुई थी.
पशु चिकित्सकों की पिछली भर्ती साल 2013 में हुई थी.

राजस्थान में विभिन्न विभागों में निकाली जा रही भर्तियां (Recruitments) पंचवर्षीय योजना बनने लग गई है. इस पर सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने चिंता जताई है.

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जयपुर. पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department) में 7 साल बाद 900 पशु चिकित्सा अधिकारी पद के लिये निकाली गई भर्ती बार-बार आ रही अड़चनों के चलते पूरी होने का नाम नहीं ले रही है. आखिर जैसे-तैसे आरपीएससी (RPSC) ने भर्ती के लिए परीक्षा तो करवा ली लेकिन अब इस परीक्षा के परिणाम को दबाकर बैठी है. हालात ये हैं कि एक महीने बाद भी आंसर की तक जारी नहीं की गई है.

2017 में घोषणा, 2019 में विज्ञापन
इस भर्ती की घोषणा साल 2017 के बजट में की गई थी लेकिन इसका भर्ती विज्ञापन अक्टूबर 2019 में जारी हो पाया. नियमों में संशोधन के फेर में फाइल आरपीएससी और सरकारी विभागों के बीच चक्करघिन्नी बनी रही. अब जब मसले का निस्तारण हुआ तो आरपीएससी के स्तर पर प्रक्रिया में देरी हो रही है. बेरोजगार पशु चिकित्सक संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष डॉ. बालमुकुंद मीणा का कहना है कि 900 पदों के लिए हो रही इस भर्ती में महज करीब 2300 अभ्यर्थी शामिल हुए थे और परिणाम जल्द जारी किया जा सकता था, लेकिन नहीं किया गया. संघर्ष समिति के सचिव डॉ. जोरावर सिंह के मुताबिक इंडियन वेटरनरी एसोसिएशन भी आरपीएससी और राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस भर्ती को जल्द पूरा करने की मांग कर चुकी है.

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पिछली भर्ती साल 2013 में हुई थी


दरअसल पशु चिकित्सकों की पिछली भर्ती साल 2013 में हुई थी और अब प्रदेश के पशु चिकित्सालयों में पशु चिकित्सकों के 60 फीसदी से ज्यादा पद खाली पड़े हैं. पशु चिकित्सक केवल पशुओं का इलाज ही नहीं करते बल्कि कुछ दूसरी योजनाएं भी उनके माध्यम से संचालित की जाती हैं. ऐसे में जहां पशुओं का इलाज बाधित हो रहा है वहीं योजनाओं के क्रियान्वयन में भी अड़चने आ रही हैं.

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दूसरी भर्तियों का भी यही हाल
यह एकमात्र ऐसी भर्ती नहीं है जिसमें ऐसी देरी देखने को मिल रही है बल्कि भर्ती प्रक्रियाओं को पंचवर्षीय योजना बनाना अब फितरत बन चुकी है. ना तो भर्ती एजेंसियों और ना ही संबंधित विभागों को इनकी फिक्र है. जबकि हाल ही में सीएम ने विभागों को आरपीएससी और आरएसएसबी से समन्वय कर लम्बित भर्तियां पूरी करवाने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में समयबद्ध रूप से भर्तियां करवाने की मुख्यमंत्री की मंशा कैसे पूरी होगी यह
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