वसुंधरा राजे को 10 साल बाद खाली करना पड़ेगा सरकारी बंगला

हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) के पूर्व मुख्यमंत्रियों (Former Chief Ministers) की आजीवन सुविधा पर फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Former Chief Minister Vasundhara Raje) को सरकारी बंगला (Government Bungalow) खाली करना पड़ सकता है.

News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 5:17 PM IST
वसुंधरा राजे को 10 साल बाद खाली करना पड़ेगा सरकारी बंगला
2009 में नेता प्रतिपक्ष के रूप में वसुंधरा राजे का बंगला नंबर 13 आवंटित किया गया था.
News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 5:17 PM IST
जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्रियों (Former Chief Ministers) की आजीवन सुविधा पर बुधवार को आए हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) के फैसले के बाद दस साल से जिस सरकारी बंगले (Government Bungalow) में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Former Chief Minister Vasundhara Raje) रह रही हैं उसे जल्द ही खाली करना पड़ सकता है. प्रदेश के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी (Ghanshyam Tiwari) ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि कोर्ट का फैसला देरी से आया है लेकिन स्वागत योग्य है. पूर्व बीजेपी सरकार व्यक्तिगत फायदे के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद संशोधन विधेयक लेकर आई थी. तिवाड़ी ने कहा कि विधेयक का विरोध करने का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ा था और पार्टी छोड़नी पड़ी थी. उन्होंने लाभ लेने वाले पूर्व मुख्यमंत्रियों से खर्चा और बंगले का किराया वसूले जाने की भी मांग की. बता दें कि घनश्याम तिवाड़ी ने बीजेपी में रहते हुए इस मसले को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था.

ये है वसुंधरा के बंगले की कहानी

2008 में सत्ता से बाहर होने के बाद वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री आवास ( बंगला नंबर 8) खाली करना पड़ा था. 2009 में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें बंगला नंबर 13 आवंटित किया गया. दरअसल, नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री के समान साधन-सुविधाओं का प्रावधान था. उधर, बंगला नंबर 8 यानी अधिकारिक मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रहना शुरू कर दिया था. लेकिन 2013 में जब बीजेपी फिर से सत्ता में आई और वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने बंगला नंबर 13 खाली नहीं किया. राजे ने मुख्यमंत्री आधिकारिक आवास यानी बंगला नंबर 8 में शिफ्ट नहीं हुई और बंगला नंबर 13 को ही मुख्यमंत्री आवास बना लिया. अब 2018 में सत्ता से बाहर होने यानी मुख्यमंत्री नहीं रहने और न ही नेता प्रतिपक्ष के पद पर ही होने के बावजूद वसुंधरा राजे बंगला नंबर 13 पर काबिज हैं.

vasundhara raje, rajasthan high court
2013 में जब बीजेपी फिर से सत्ता में आई और वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने बंगला नंबर 13 खाली नहीं किया.


बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहते समय तिवाड़ी ने खोला था मोर्चा

बीजेपी की 2013 में सरकार बनने के साथ ही वसुंधरा राजे के इस बंगले पर बवाल शुरू हो गया. वरिष्ठ नेता और बीजेपी से तात्कालीन सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने वसुंधरा पर बंगला नंबर 13 खाली करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. तिवाड़ी ने इस बंगले को लेकर अपनी पार्टी और वसुंधरा राजे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और राज्यपाल तक से शिकायत करने पहुंच गए. लेकिन आखिर तक बंगला खाली नहीं करवा पाएं. तिवाड़ी ने तब कहा था कि, 'राजे ने बंगला नंबर 13 को किले के रूप में विकसित कर लिया है, जहां पर सरकारी पैसे से काफी खर्चा कर करोड़ों रुपयों से सबकुछ विदेशी आइटम स्थापित किए गए हैं'. तिवाड़ी ने यहां तक कह दिया था कि 'मंत्री-विधायक वेतन विधेयक-2017' के जरिए वसुंधरा इस बंगले की आजीवन मालकिन बनने की फिराक में हैं.

अब न बंगला मिलेगा न अन्य सुविधाएं
Loading...

हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद पूर्व सीएम को न बंगला मिलेगा न कार, स्टाफ, चपरासीड्राइवर और न ही पीएस. अब इनमें से कोई भी सुविधा नहीं ले सकेंगे. वर्तमान में वसुंधरा राजे के पास 1 बंगला, 2 स्टेनोग्राफर, 1 बाबू, 3 चपररासी और 1 पीएस समेत 10 कर्मचारियों का सरकारी स्टाफ है.


 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जयपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 4, 2019, 3:43 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...