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रेप के वक्त युवती खाली हाथ थी, हमला क्यों नहीं किया? पढ़ें- पूर्व मंत्री से जुड़ी 15 बातें

रेप के वक्त युवती खाली हाथ थी, हमला क्यों नहीं किया? पढ़ें- पूर्व मंत्री से जुड़ी 15 बातें

जेल से बाहर आए पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर. (फोटो- रविशंकर व्यास)

जेल से बाहर आए पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर. (फोटो- रविशंकर व्यास)

राजस्थान की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे बाबूलाल नागर को रेप के आरोपों से बरी कर दिया गया. यहां पढ़ें- किस आधार पर युवती से संबंधों के बाद भी हो गए बरी

    राजस्थान की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे बाबूलाल नागर को सरकारी आवास पर युवती से रेप के आरोपों से कोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया.
    जयपुर जिला अदालत (एडीजे-2 ) की ओर से 156 पेज के अपने फैसले में साढ़े तीन साल से रेप के आरोप में जेल में बंद नागर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. हालांकि कोर्ट ने नागर के युवती से शारीरिक संबंधों से इनकार नहीं किया. जज प्रहलाद राय शर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पूरे मामले में आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं. ऐसे में आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना उचित है. अभियोजन पक्ष इस मामले में नागर के खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सका. और 25 अक्टूबर, 2013 से जेल में बंद नागर बरी हो गए.
    कोर्ट ने युवती से संबंधों के बावजूद कैसे किया बरी?
    कांग्रेस नेता बाबूलाल नागर और आरोप लगाने वाली युवती के बीच संबंधों से इनकार नहीं किया गया है. पूर्व में स्वयं नागर उसके साथ रिश्तों को कबूल चुके थे. लेकिन उन्होंने उसके साथ रेप की बात नहीं स्वीकारी. आखिर कोर्ट ने पूर्व मंत्री नागर को दोष मुक्त घोषित कर दिया. कोर्ट के इस फैसले के पीछे कई महत्वपूर्ण बातें हैं. दोपहर 3 बजकर 5 मिनट पर सुनाए गए इस फैसले में इन सभी बातों को ध्यान रखते हुए कोर्ट ने आरोपी का संदेह का लाभ दिया गया.
    कोर्ट के फैसले में ये 15 बातें रही अहम-
    - अभियोजन पक्ष यानि युवती पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका
    - जो आरोप लगाए गए वे प्रमाणित नहीं हो पाए
    - कोर्ट ने कहा-नागर-युवती के बीच संबंधों से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन 11 सितम्बर, 2013 की घटना साबित नहीं होती
    - आरोप साबित नहीं होने पर कोर्ट ने कहा बेनेफिट ऑफ डाउट्स नागर को दिया जाना उचित है
    - कोर्ट ने अपने फैसले में कहा- ऐसा लगता है षड़यंत्र के जरिए मामला दर्ज करवाया
    - उसके आधार पर सबूतों को किया गया शामिल
    - घटना के वक्त पीड़िता के हाथ खाली थे
    - खाली हाथ होने के बाद भी उसने नागर पर हमला क्यों नहीं किया ?
    - पूरे घटनाक्रम में नागर के खरोंच तक क्यों नहीं आई
    - युवती ने रेप की वारदात शाम 6 बजे की बताई
    - जांच में उस समय युवती के फोन लोकेशन कहीं और मिली
    - घटना के समय युवती के कपड़े भी विरोधाभासी थे
    - कोर्ट के अनुसार ऐसा लगता है कि पूरी घटना रंजिशवश की गई
    - कोर्ट ने माना, पूरे मामले में पीड़िता की गवाही ही विश्वसनीय नहीं रही
    - ऐसे में स्वयं अभियोजन पक्ष का मामला संदेहजनक हो जाता है

    Tags: Jaipur news, Rajasthan news

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