Rajasthan: गहलोत कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक आज, कृषि कानूनों पर लिया जायेगा अहम फैसला

सीएम गहलोत ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को बायपास करने के लिए कानूनी और वैधानिक पहलुओं का परीक्षण करवाया है.
सीएम गहलोत ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को बायपास करने के लिए कानूनी और वैधानिक पहलुओं का परीक्षण करवाया है.

Cabinet and Council of Ministers meeting today: प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार आज इस बैठक में तीनों केन्द्रीय कृषि कानूनों (Central agricultural laws) को बायपास करने और राज्य का कानून लाने पर विचार-विमर्श करेगी.

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जयपुर. सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की अध्यक्षता में सोमवार को दोपहर बाद 4 बजे कैबिनेट और इसके बाद मंत्रिपरिषद की बैठक (Cabinet and Council of Ministers meeting) बुलाई गई है. कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कृषि कानूनों (Central agricultural laws) को बायपास करने पर मंथन संभव है. केंद्रीय कृषि कानूनों की जगह राज्य का नया कानून लाये जाने के लिए विधेयक पर फैसला हो सकता है. ऐसे में विधानसभा सत्र की तारीख भी कैबिनेट की बैठक में तय हो सकती है. विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर करवाकर राज्यपाल को भेजा सकता है.

सीएम अशोक गहलोत ने एक दिन पहले ही बिरला ऑडिटोरियम में हुए किसान सम्मेलन में कहा था कि केंद्रीय कानूनों काी जगह राज्य का कानून लाने की जरूरत पड़ी तो लाया जाएगा और इस पर सरकार जल्द फैसला करेगी. सीएम ने जल्द विधानसभा सत्र बुलाने की बात भी कही थी. मंत्रिपरिषद की बैठक में कोरोना जनआंदोलन पर भी चर्चा संभावित है.

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पिछले माह के अंत में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान सहित सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को बायपास कर राज्यों का कानून बनाने की संभावनाएं तलाशने को कहा था. सोनिया के निर्देश के बाद ही सीएम अशोक गहलोत ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को बायपास करने के लिए कानूनी और वैधानिक पहलुओं का परीक्षण करवाया है.
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केन्द्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आर पार के मूड में है कांग्रेस
कांग्रेस केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है. कांग्रेस इस मुद्दे को 14 नवंबर तक गरमा कर रखेगी. 14 नवंबर तक कांग्रेस ने कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के हस्ताक्षर करवाने का अभियान चला रखा है. वहीं कांग्रेस किसान संगठनों की ओर से किये जा रहे धरने-प्रदर्शनों में उनके साथ खड़ी है. खुद कांग्रेस भी धरने प्रदर्शन कर चुकी है.
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