कोरोना संकट: एक हजार मेडिकल अफसर और 25 हजार नर्सिंग स्टाफ की अस्थायी भर्ती करेगी गहलोत सरकार

अशोक गहलोत सरकार ने ग्रामीण अंचल में फैल रहे कोविड को रोकने के लिए कई अहम फैसले किये हैं.

अशोक गहलोत सरकार ने ग्रामीण अंचल में फैल रहे कोविड को रोकने के लिए कई अहम फैसले किये हैं.

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कोविड समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया है कि 1 हजार डॉक्टर्स, 25 हजार नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं ली जाएंगी. जिससे कोरोना के ग्रामीण अंचल में संक्रमण की रोकथाम की जा सके.

  • Last Updated: May 17, 2021, 12:26 AM IST
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जयपुर. सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में रविवार को रात हुई कोरोना प्रबंधन समीक्षा बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. गांवों में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलाव को देखते हुए राज्य सरकार एक हजार मेडिकल ऑफिसर्स और 25 हजार नर्सिंगकर्मियों की अस्थायी आधार पर तत्काल सेवाएं लेने का निर्णय लिया है. गहलोत ने रविवार रात कोर ग्रुप के साथ बैठक कर कोरोना से बने हालातों की समीक्षा की. गांवों में संक्रमण रोकने के लिए सीएम गहलोत ने कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि जिन जिलों में संक्रमण का फैलाव ज्यादा है, वहां जांच का दायरा बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. वहीं चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने लॉकडाउन की सख्ती से पालना कराने, टेस्टिंग और ट्रेसिंग पर जोर दिया. मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा कि सभी जिला कलक्टरों को ऑक्सीजन सप्लाई बाधित न होने के लिए सभी स्तर पर आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं डीजीपी एमएल लाठर ने बताया कि समुद्री तूफान को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है. तूफान के मद्देनजर एसडीआरएफ की 10 टीमें गुजरात रवाना की गई हैं जो सड़क मार्ग से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू रखने में मदद करेंगी.

वहीं एसीएस सुधांश पंत में जयपुर जिले में कोरोना संक्रमण रोकने की नई रणनीति के बारे में बताते हुए कहा कि इसके लिए 1200 टीमें गठित की गई हैं. जो आगामी 10 से 12 दिनों में संदिग्ध रोगियों की ट्रेकिंग और ट्रीटमेंट के लिए 11 लाख परिवारों का घर-घर सर्वे करेंगी. गृह विभाग के प्रमुख सचिव अभय कुमार ने कहा कि जहां आर्मी की युनिट हैं वहां तूफान से बचाव के लिए उनकी मदद के लेने के लिए जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है. वहीं चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि राज्य में विभिन्न स्रोतों से 6500 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध हो गए हैं, जिनसे ऑक्सीजन बेड की संख्या बढ़ी है.
सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय

- राज्य सरकार 25 हजार नर्सिंगकर्मियों और एक हजार मेडिकल ऑफिसर्स की अस्थायी आधार पर तत्काल सेवाएं लेगी

- सीएचसी और पीएचसी स्तर तक कोविड उपचार की माकूल व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने यह निर्णय किया है.

- ब्लॉक स्तर पर कोविड कंसल्टेशन एवं कोविड केयर सेंटर के रुप में विकसित सीएचसी में खास व्यवस्थाएं होंगी.



- इनमें आईसीयू और हाई फ्लो ऑक्सीजन के दस बेड के साथ शिशु गहन चिकित्सा इकाई की व्यवस्था के सीएम के निर्देश.

- प्रत्येक पीएचसी पर पांच और सीएचसी पर 10 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध करवाने के सीएम के निर्देश.

- इससे कोविड रोगियों को स्थानीय स्तर पर ही ऑक्सीजन की सुविधा मिल सकेगी.

- चिरंजीवी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक कंट्रोल रुम स्थापित करने के निर्देश.

- कंट्रोल रुम योजना से जुड़ी सभी शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करेगा.

-कोविड रोगियों में सामने आ रही ब्लैक फंगस बीमारी का विशेषज्ञ चिकित्सकों के समूह विशेष अध्ययन करवाया जाएगा.

-  ब्लैक फंगस बीमारी के पैकेज को मुख्यमंत्री चिरजीवी बीमा योजना में शामिल करने के सीएम के निर्देश.

- गुजरात से आने वाले समुद्री तूफान के मददेनजर प्रदेशभर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुचारू रखने, बफर स्टॉक तैयार करने के निर्देश.

-  तूफान के कारण अस्पतालों को बिजली आपूर्ति में व्यवधान नहीं आना चाहिए.

- अस्पतालों में विद्युत जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था रखने के सीएम गहलोत के निर्देश.

- आपदा प्रबंधन की टीमों को तूफान से संभावित असर वाले क्षेत्रों में तैनात किए जाने के भी गहलोत के निर्देश.

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