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गहलोत सरकार ने दी किसानों को बड़ी राहत, अब डार्क जोन में लगा सकेंगे ट्यूबवेल

कैबिनेट में जिला, ब्लॉक और क्लस्टर स्तर पर जनसुनवाई का थ्री टीयर सिस्टम भी  विकसित करने का फैसला किया गया है.
कैबिनेट में जिला, ब्लॉक और क्लस्टर स्तर पर जनसुनवाई का थ्री टीयर सिस्टम भी विकसित करने का फैसला किया गया है.

Gehlot government's master stroke: राजस्‍थान की गहलोत सरकार ने किसान आंदोलन के बीच किसानों को बड़ी राहत देते हुए डार्क जोन में कुआं और ट्यूबवेल खोदने पर लगी रोक को हटाने का फैसला किया है.

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जयपुर. देशभर में चल रहे किसान आंदोलन (Kisan-andolan) के बीच गहलोत सरकार ने अन्‍नदाता को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है. किसान संगठनों की ओर से मंगलवार को बुलाये गये भारत बंद की पूर्व संध्या पर गहलोत सरकार ने अहम फैसला करते हुये प्रदेश में डार्क जोन (Dark zone) में 2011 से ट्यूबवैल और कुंए खोदने पर लगी रोक को हटाने का फैसला किया है. अब प्रदेशभर में किसान और आम लोग सहित पांच कैटेगरी में ट्यूबवैल के लिए किसी तरह की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी. सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सोमवार शाम को हुई कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है.

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सीएम के पास डार्क जोन में ट्यूबवेल पर रोक हटाने तथा डार्क जोन में कृषि कनेक्शन जारी करने और ब्लॉक स्तर तक प्रभावी जनसुनवाई का तंत्र विकसित करने के प्रस्ताव भिजवाए थे. कैबिनेट की बैठक में दोनों प्रस्तावों पर फैसला हो गया. इसके बाद अब पेयजल और घरेलू उपयोग के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्‍यक्तिगत घरेलू उपभोक्ता, ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं, सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठानों, कृषि कार्यकलापों और 10 घन मीटर प्रतिदिन से कम भू-जल निकासी करने वाले सूक्ष्म और लघु उद्योगों को भू-जल निकासी के लिए एनओसी नहीं लेनी होगी. इस बाबत जल्द ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे.

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जनसुनवाई के लिए बनेगा का थ्री टीयर सिस्टम


कैबिनेट में जिला, ब्लॉक और क्लस्टर स्तर पर जनसुनवाई का थ्री टीयर सिस्टम विकसित करने का फैसला किया गया है. इसके तहत पहले और तीसरे बुधवार को 10-10 गांवों के क्लस्टर में विधायक, प्रधान और स्थानीय अफसर जनसुनवाई करेंगे. हर क्लस्टर में 2 माह में सुनवाई अनिवार्य होगी. उपखंड स्तर पर हर माह के चौथे गुरुवार को जनसुनवाई होगी. जिला स्तर पर महीने के दूसरे गुरुवार को जनसुनवाई होगी. जिला स्तर की जनसुनवाई में सम्भगीय आयुक्त, विधायक और मंत्री रहेंगे.
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