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गहलोत सरकार ने सिख समाज के अभ्यर्थियों को दी बड़ी राहत, अब कृपाण, कड़ा और पगड़ी धारण कर दे सकेंगे परीक्षा

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: December 6, 2019, 1:12 PM IST
गहलोत सरकार ने सिख समाज के अभ्यर्थियों को दी बड़ी राहत, अब कृपाण, कड़ा और पगड़ी धारण कर दे सकेंगे परीक्षा
गृह विभाग के सर्कुलर में संविधान का भी हवाला दिया गया है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से 3 मई, 2018 को दिए गए आदेश को भी उल्लेखित किया गया है.

राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने प्रदेश में होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive examinations) में सिख समाज (Sikh society) के अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी धारणकर शामिल होने की अनुमति (Permission) दे दी है.

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जयपुर. राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने प्रदेश में होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive examinations) में सिख समाज (Sikh society) के अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी धारणकर शामिल होने की अनुमति (Permission) दे दी है. हालांकि इसके लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना होगा और स्क्रीनिंग (Screening) के बाद ही अंदर प्रवेश कर सकेंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के निर्देश के बाद राज्य के गृह विभाग (Home department) ने इसका सर्कुलर जारी कर दिया है.

सिख समाज के अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे थे
इस प्रतिबंध के चलते सिख समाज के अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे थे. इसको लेकर सिख समाज के युवाओें में निराशा थी. समाज के प्रतिनिधि लंबे समय से इस प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे थे. गृह विभाग की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार अब राजस्थान लोक सेवा आयोग, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, अन्य विभागों, तकनीकी शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और पुलिस विभाग की ओर से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में इसकी छूट दी जाएगी.

सर्कुलर में संविधान का हवाला दिया गया है

गृह विभाग के सर्कुलर में संविधान का भी हवाला दिया गया है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से 3 मई, 2018 को दिए गए आदेश को भी उल्लेखित किया गया है. आदेश में कोर्ट ने सीबीएसई की परीक्षाओं में वर्तमान प्रक्रियाओं के साथ-साथ विशेष प्रक्रिया के साथ सहमति दी गई है.

पूर्व में बीजेपी सरकार से भी की थी मांग
राजस्थान में होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सिख अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी धारण करने के कारण परीक्षा हाल में बैठने से वंचित कर दिया जाता था. इसे लेकर सिख समाज के लोगों में आक्रोश था. विभिन्न सिख संगठनों ने पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार से भी प्रतियोगी परीक्षाओं में इस प्रतिबंध को हटाने की मांग की थी. उस समय तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने सिख समाज के प्रतिनिधियों को सिर्फ आश्वासन दिया था, लेकिन वसुंधरा सरकार ने कोई सर्कुलर जारी नहीं किया था.खुशखबरी: पटवारी सीधी भर्ती परीक्षा, 4207 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी

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First published: December 6, 2019, 1:09 PM IST
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