गहलोत सरकार जयपुर में बना रही है MLAs के लिये आलीशान 160 लग्जरी फ्लैट्स, जानिये क्या-क्या होगा इनमें

इसकी नोडल एजेंसी राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को बनाया गया है.

इसकी नोडल एजेंसी राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को बनाया गया है.

Luxurious flats for MLAs: राजस्थान की गहलोत सरकार राजधानी जयपुर में विधायकों को अल्ट्रा मॉर्डन आशियाने उपलब्ध करवायेगी. इसके लिये जयपुर में विधानसभा के पास ज्योति नगर में मंजिला इमारत बनाई जा रही है. इसमें 160 लग्जरी फ्लैट्स तैयार किये जायेंगे.

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जयपुर. राजस्थान की गहलोत सरकार (Gehlot Government) राजधानी जयपुर में विधायकों (MLAs) के लिए 265 करोड़ की लागत से लग्जरी फ्लैट्स बनाने जा रही है. इसके लिये प्रारंभिक स्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है. विधायकों के लिये ये लग्जरी फ्लैट विधानसभा के समीप ज्योति नगर में बनाये जा रहे हैं. इनके लिये यहां बने विधायकों के पुराने मकानों को तोड़ गया है. विधानसभा भवन के पास ही विधायकों के लिये बनाई जा रही इस लग्जरी इमारत की ऊंचाई 28 मीटर होगी. इस 8 मंजिला ऊंची इमारत में विधायकों के लिये 160 लग्जरी फ्लैट्स बनाए जायेंगे.

पहले यहां 176 विधायक आवास बनाये जाने थे, लेकिन अब उनकी संख्या घटाकर 160 कर दी गयी है. इसके पीछे वजह यह बताई जा रही कि 176 फ्लैट्स बनाने से सेंट्रल लॉन का क्षेत्रफल कम हो रहा था. इसलिए इसमें से 16 आवासों को कम कर दिया गया है. इन 16 आवासों की संख्या कम करने से सेंट्रल लॉन का क्षेत्रफल लगभग दोगुना हो जाएगा. यह सेंट्रल लॉन 36 हजार वर्गफीट एरिया में तैयार किया जाएगा. इसकी नोडल एजेंसी राजस्थान आवासन मंडल को बनाया गया है.

नए संसद भवन का व‍िरोध कर रही है कांग्रेस 

एक और कांग्रेस जहां नई द‍िल्‍ली में बन रहे नए संसद भवन (सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट) न‍िर्माण का व‍िरोध कर रही है. उसकी दूसरी तरफ राजस्‍थान कांग्रेस सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करके अपने व‍िधायकों के ल‍िए आलीशान घर बनाने में लगी है.
ये होगी सुविधायें

माननीयों के लिये बनाये जा रही इस बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाओं को शुमार किया जायेगा. इनमें अत्याधुनिक क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, गेस्ट हाउस, इंडोर/आउटडार गेम्स और मीटिंग हॉल जैसी तमाम सुविधायें डवलप की जाएगी. एक फ्लैट्स 3200 वर्गफीट एरिया में बनेगा. इसमें 4 बेडरूम, 1 ड्राइंग रूम, एक डाइनिंग हॉल, बड़ी किचन और घरेलू कर्मचारी के लिए एक-एक कमरा अलग से बनाया जायेगा.

सरकार पर नहीं आयेगा कोई आर्थिक भार



इस प्रोजेक्ट पर लगने वाले खर्चे के सवालों पर सरकार का कहना है कि इससे सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा. आवासन मंडल इस इमारत को जालूपुरा की जमीन को बेचकर आए पैसे से पूरा करेगा. सरकार ने इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी पहले जेडीए को दी थी. लेकिन बाद में उससे छीनकर राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को दे दी है. इसके साथ ही बोर्ड ने इसका काम भी शुरू कर दिया है.

जल्द पूरी की जायेगी कार्यादेश की देने प्रक्रिया

हाउसिंग बोर्ड के चीफ इंजीनियर केसी मीणा का कहना है कि फिलहाल मौके पर पुराने विधायक आवासों को ध्वस्त करने, जमीन को साफ करने और बेरीकेडिंग का काम पूरा किया जा रहा है. बोर्ड की ओर से बिल्डिंग निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. शीघ्र की फर्म को कार्यादेश की देने प्रक्रिया पूरी की जायेगी. उसके बाद निर्माण करवाया शुरू करवाया जायेगा.

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