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Rajasthan: रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स पर मेहरबान गहलोत सरकार, MLAs और नेताओं से ज्यादा सुख पाने में रहे कामयाब

Rajasthan: रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स पर मेहरबान गहलोत सरकार, MLAs और नेताओं से ज्यादा सुख पाने में रहे कामयाब

दूसरी तरफ कुर्सी पाने के लिए कांग्रेसी नेताओं में जयपुर से लेकर दिल्ली तक घमासान मचा हुआ है.

दूसरी तरफ कुर्सी पाने के लिए कांग्रेसी नेताओं में जयपुर से लेकर दिल्ली तक घमासान मचा हुआ है.

प्रदेश की गहलोत सरकार सेवानिवृत्त ब्यूरोक्रेट्स पर जमकर मेहरबान हो रही है. दो साल के कार्यकाल में करीब एक दर्जन रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स (Retired bureaucrats) को बेहद अहम पदों पर नियुक्तियां दी गई है. दूसरी तरफ पार्टी में राजनीतिक नियुक्तियों के लिये घमासान मचा हुआ है.

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जयपुर. प्रदेश में 2 साल से राजनीतिक नियुक्तियों (Political appointments) को लेकर दिल्ली से लेकर जयपुर तक सियासी घमासान मचा हुआ है. इस बीच राज्य में रिटायर हो रहे आईएएस और आईपीएस अफसर (Retired bureaucrats) कांग्रेस के विधायकों और नेताओं से ज्यादा सुख पाने मे कामयाब हो रहे हैं. प्रदेश में सत्ता संभालने के साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में एक दर्जन आईएएस और आईपीएस अफसरों को पावरफुल ओहदों से नवाजा है.

राज्य सरकार सेवानिवृत्त ब्यूरोक्रेट्स पर जमकर मेहरबान हो रही है. एक के बाद एक रिटायर्ड आईएएस और आईपीएस अफसरों को मलाईदार पोस्टों से नवाजा जा रहा है. इन अफसरों की हैसियत किसी मंत्री से कम नहीं है. वित्त विभाग के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रेम सिंह मेहरा और पूर्व मुख्य सचिव रहे एनसी गोयल को वसुंधरा शासनकाल में नियुक्ति मिली थी.

पावरफुल और मलाईदार पदों पर लगाया
सरकार में नियुक्तियों को लेकर अंदरुनी रार दिल्ली तक भी पहुंच चुकी है. इसके बावजूद भी किसी विधायक को ना तो मंत्री पद मिला और न ही किसी बोर्ड और आयोग का सदस्य बनाया गया. दूसरी तरफ बिना किसी शोर-शराबे के रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स मंत्री जैसा पद पाने में सफल हो रहे हैं. राज्य सरकार ने 9 IAS और 3 IPS को रिटायरमेंट होने के बाद फिर से पावरफुल और मलाईदार पदों पर लगाया है. कोई मुख्यमंत्री का सलाहकार है तो कोई सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त है. RPSC के चेयरमैन से लेकर राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड पर रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स को लगाया गया है.

राज्य में ताकतवर सेवानिवृत्त ब्यूरोक्रेट्स
– पूर्व मुख्य सचिव डीबी गुप्ता- राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त
– पूर्व वित्त सचिव गोविंद शर्मा- मुख्यमंत्री के सलाहकार
– पूर्व केन्द्रीय वित्त सचिव अरविंद मायाराम- मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं मुख्यमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष
– पूर्व ACS वित्त प्रेम सिंह मेहरा- राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त
– पूर्व DGP भूपेंद्र सिंह यादव- राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
– सेवानिवृत्त आईजी हरिप्रसाद शर्मा- राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष
– पूर्व चीफ सेक्रेटरी एनसी गोयल- रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) के अध्यक्ष
– पूर्व ACS रामलुभाया- जवाबदेही कानून कमेटी के अध्यक्ष
– जयपुर के पूर्व कलक्टर जगरूप सिंह यादव और मातादीन शर्मा को राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में सदस्य बनाया है
– पूर्व आईएएस जीएस संधू- पट्टा वितरण अभियान की हाई पावर कमेटी शामिल हैं
– डीजी एसीबी रहे आलोक त्रिपाठी- सरदार पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ पुलिस का वाइस चांसलर बनाया गया है

कुर्सी के लिए कांग्रेसी नेताओं में मचा है घमासान
दूसरी तरफ कुर्सी पाने के लिए कांग्रेसी नेताओं में जयपुर से लेकर दिल्ली तक घमासान मचा हुआ है. राजस्थान के कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने 31 जनवरी तक राजनीतिक नियुक्तियां देने की घोषणा की थी. लेकिन यह तारीख भी अब निकल गई है. 31 जनवरी की डेडलाइन निकलने के बाद अब माकन ने कहा है कि डेडलाइन कुछ नहीं होती. टारगेट पूरे करने होते हैं. अब ऐसा माना जा रहा है कि गहलोत सरकार विधानसभा सत्र के बाद राजनीतिक नियुक्तियां देगी. संभवत है अप्रैल में राजनीतिक नियुक्तियां मिल सकती हैं.

Tags: Ashok gehlot, Congress, IAS Officer, IPS Officer

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