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गहलोत सरकार बेचेगी अनुपयोगी सरकारी संपत्तियां, खाली चल रहे खजाने को भरेगी

सरकारी रिकॉर्ड की बात की जाए तो सरकार के पास 4000 के करीब नजूल संपत्तियां हैं. इनमें से 700 के करीब ऐसी हैं जो खाली पड़ी हैं.

सरकारी रिकॉर्ड की बात की जाए तो सरकार के पास 4000 के करीब नजूल संपत्तियां हैं. इनमें से 700 के करीब ऐसी हैं जो खाली पड़ी हैं.

अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने खाली चल रहे अपने खजाने को भरने के लिये अनुपयोगी पड़ी सरकारी संपत्तियों को बेचने का निर्णय लिया है. इनसे सरकार को 5000 करोड़ रुपये का राजस्व (Revenue) मिलने की उम्मीद है.

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जयपुर. तीन लाख करोड़ से अधिक के कर्जभार से जूझ रही अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने खाली चल रहे सरकारी खजाने को भरने की कवायद शुरू कर दी है. गहलोत सरकार सरकारी खजाने को भरने के लिए उपयोग में नहीं (Unused government assets) आने वाली सरकारी संपत्तियों का बेचान करेगी. ऐसी संपत्तियां जिनका उपयोग नहीं हो रहा है उनके बारे में सूचनाएं एकत्रित की जा रही है.

इसके लिए राज्य के सामान्य प्रशासन ने सभी विभागों और जिला कलेक्टर्स को पत्र लिखकर शीघ्र सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव दिनेश यादव ने बताया ऑक्शन के माध्यम से सरकारी संपत्तिया सेल की जाएंगी. राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में उपयोग में ना आने वाली सरकारी संपत्तियां काफी हैं. अगर डीएलसी दर से इनका बेचान किया जाए तो 5000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा.

जिला कलक्टर्स से मांगी सूचनायें
जीएडी सचिव दिनेश यादव ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन आने वाली नजूल संपत्तियों को ऑनलाइन किया जा चुका है. वहीं इनके अलावा जिलों में नजूल संपत्तियों का चिन्हिकरण पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराए जाने के लिए कलक्टरों का पत्र लिखा है और सूचनाएं मांगी गई है. इसके अलावा ऐसी भी संपत्तियां हैं जिनकी किसी को जानकारी नहीं है. उन्हें भी चिन्हिकरण करने का काम किया जा रहा है. सभी संपत्तियों के चिन्हिकरण के बाद इनका उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा. वहीं ऐसी संपत्तियां भी हैं जिनका उपयोग नहीं हो सकता उनका निस्तारण किया जाएगा.
नजूल संपत्तियों का होगा उपयोग


सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव दिनेश यादव ने बताया कि पहले से चले आ रहे निर्देशों और नजूल संपत्तियों के निस्तारण के लिए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट सब कमेटी परिवर्तित निर्देश देगी तो उसी के अनुरुप उपयोग में न आने वाली सरकारी संपत्तियों की सेल की जाएगी. प्रदेश या प्रदेश के बाहर की नजूल संपत्तियों का उपयोग हो इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने कवायद शुरू की है.

4000 के करीब हैं नजूल संपत्तियां
इन संपत्तियों को पुरातत्व, पर्यटन और सरकारी कार्यालयों के हिसाब से उपयोग में लिया जा सकेगा. वहीं ऐसी संपत्तियां जिनका उपयोग नहीं हो सकता उन्हें बेचा जाएगा. सरकारी रिकॉर्ड की बात की जाए तो सरकार के पास 4000 के करीब नजूल संपत्तियां हैं. इनमें से 700 के करीब ऐसी हैं जो खाली पड़ी हैं. अन्य पर किसी का कब्जा है. कब्जे वाली संपत्तियों के लिए मंत्रीमंडलीय उप समिति बनी हुई है. नजूल संपत्तियों का निस्तारण ऊंची दर होने की बात सामने आ रही है. उनको लेकर जल्द मंत्रीमंडलीय उप समिति की बैठक मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में होगी. उसमें दरों को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है.
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