क्यों 2 साल बाद साथ आए CM अशोक गहलोत और सचिन पायलट? विधानसभा उपचुनाव या कोई और वजह

राजस्थान में उपचुनाव से पहले सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट दो साल बाद एक साथ किसान महापंचायत में पहुंचे.

राजस्थान में उपचुनाव से पहले सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट दो साल बाद एक साथ किसान महापंचायत में पहुंचे.

राजस्थान में CM अशोक गहलोत और सचिन पायलट की गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस के लिए शनिवार का दिन राहत भरा रहा. जब दो साल बाद पहली बार पायलट और गहलोत एक साथ एक मंच पर आए, लेकिन सवाल उठता है कि ये नजदीकियां कब तक रहेंगी. क्या सिर्फ उपचुनाव तक के लिए ही

  • Last Updated: February 28, 2021, 8:28 AM IST
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जयपुर. राजस्थान में गहलोत पायलट की गुटबाजी और शक्ति प्रदर्शन से जूझ रही कांग्रेस के लिए राज्य में शनिवार का दिन एक उम्मीद और राहत लेकर आया. एक बार फिर से अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक साथ, एक मंच पर, एक हेलिकॉप्टर में और एक माला में नजर आए. वह भी मुस्कुराते हुए.  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट दोनों एक ही हेलिकॉप्टर में दो किसान रैलियों को संबोधित करने गए.

चॉपर में गहलोत-पायलट के साथ राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद डोटासरा भी साथ थे. चारों ने पहले डूंगरगढ़ मे किसान सम्मेलन को सबोधित किया फिर चितौड़गढ़ के मातृकुंडिया में. इसके साथ ही पायलट का पद-कद भी तय हो गया. भले ही पायलट लोकप्रिय हैं. वह राजस्थान में कांग्रेस में गहलोत के बाद दूसरे नंबर के प्रभाव वाले नेता हों. लेकिन पायलट अब चौथे नंबर पर रहेंगे. शनिवार के दौरे से मंच पर बैठने और रैलियों में भाषण का एक प्रोटोकोल तय हो गया. मंच पर गहलोत के एक तरफ गोविंद सिंह डोटासरा तो दूसरी तरफ अजय माकन बैठे थे. मंच पर माकन के आगे पायलट बैठे. यानी गहलोत-पायलट अब अगल बगल में नहीं बैठेंगे.

पायलट को अब चौथे नंबर से संतोष करना होगा

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