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Gehlot Vs Pilot: कांग्रेस हाईकमान ने दिया गहलोत को झटका, बढ़ेगा सचिन का सियासी कद

कांग्रेस नेतृत्व ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सीधे जिला प्रभारियों से नाम मांगे हैं.

कांग्रेस नेतृत्व ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सीधे जिला प्रभारियों से नाम मांगे हैं.

Gehlot Vs Pilot: कांग्रेस हाईकमान ने राजस्थान में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सीधे जिला प्रभारियों से नाम मांगे हैं. जिलाध्यक्षों का फैसला अब राजस्थान कांग्रेस नहीं पार्टी हाईकमान करेगा. सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच चल रहे घमासान में गहलोत को झटका लगा है. पायलट का सियासी कद बढ़ना तय.

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जयपुर. राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच चल रहे घमासान में कांग्रेस हाईकमान ने गहलोत को झटका दे दिया है. कांग्रेस नेतृत्व ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सीधे जिला प्रभारियों से नाम मांगे हैं. यानी जिलाध्यक्षों का फैसला अब राजस्थान कांग्रेस नहीं पार्टी हाईकमान करेगा. इससे पायलट का सियासी वजन बढ़ेगा. जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी या करीब 11 महीने से ठप पड़ी है. बार-बार नियुक्तियों के लिए कवायद शुरू होती है लेकिन हर बार कोई ना कोई अवरोध भी खड़ा हो जाता है. अब एक बार फिर से कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों की कवायद तेज हो गई है. कांग्रेस में जल्द ही जिलाध्यक्षों समेत अन्य पदाधिकारियों की नियुक्तियों की संभावना जताई जा रही है. पहली बार ऐसा हो रहा है जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी को दरकिनार कर एआईसीसी द्वारा सीधे पैनल मांगे गए हैं.

आम तौर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के माध्यम से पैनल दिल्ली भिजवाए जाते हैं जिन पर आलाकमान द्वारा मुहर लगाई जाती है लेकिन इस बार पीसीसी की बजाय सीधे एआईसीसी द्वारा जिलाध्यक्षों के नाम मांग लिए गए हैं जिला प्रभारियों को 30 जून तक तीन-तीन नामों के पैनल भिजवाने के लिए कहा गया है. यानि आज ही पैनल भिजवाए जाने की आखिरी तारीख भी है.

डोटासरा बोले- सीधे नाम मांगे जाने में कोई हर्ज नहीं

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सीधे नाम मांगे जाने के सवाल पर कहा कि पीसीसी से तो नाम मांगते- मांगते 4 महीने हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि सीधे नाम मांगे जाने में कोई हर्ज नहीं है और मुझसे भी नाम मांगे गए हैं. डोटासरा ने कहा कि सब नेताओं के साथ चर्चा कर जिला अध्यक्षों के नाम पर निर्णय होगा और पीसीसी द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर ही आलाकमान नाम तय करेगा. डोटासरा ने भी जल्द नियुक्तियों के संकेत दिए. डोटासरा के बयान से मायने निकाले जा रहे हैं कि पीसीसी से बार-बार नाम मांगे जाने के बाद भी नाम दिल्ली नहीं भिजवाए गए जिसके चलते एआईसीसी द्वारा सीधे नाम मांगे गए हैं.

निर्धारित प्रोफार्मा में मांगी गई है जानकारी
जिला प्रभारियों को एक प्रोफार्मा दिया गया है जिसमें संभावित जिलाध्यक्षों के नाम भरकर भिजवाए जा रहे हैं. इसके साथ ही इन नामों की सिफारिश करने वाले विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के नाम भी इस प्रोफॉर्मा में भरकर भेजे जाने हैं. बताया जा रहा है कि प्रदेश प्रभारी अजय माकन के निर्देश पर सह प्रभारी तरुण कुमार द्वारा जिला प्रभारियों को फोन किए गये और तीन-तीन नामों के पैनल 30 जून तक भिजवाने को कहा गया. प्रदेश कांग्रेस के अधीन 39 जिले हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक करीब 25 जिलों द्वारा पैनल भिजवाए जा चुके हैं.

पीसीसी की कड़ी को दरकिनार कर सीधे जिला प्रभारियों से पैनल मांगा जाना चर्चा का विषय है. कल हुई प्रदेश कांग्रेस की वर्चुअल बैठक में भी यह मामला सामने आया. प्रदेश कांग्रेस में लम्बे समय से नियुक्तियों का इंतजार है. पिछले साल खड़े हुए सियासी संकट के बाद से यानि करीब 11 महीने से जिलों की कार्यकारिणियां भंग हैं. अब नियुक्तियों को लेकर संगठन में एक बार फिर से हलचल है और संभावना जताई जा रही हैं कि जुलाई माह में जिला संगठनों में नियुक्तियां हो जाएंगी.

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