पायलट के करीबियों पर गिरी गाज, अभिमन्यु पूनिया को हटा कर अभिषेक चौधरी को बनाया गया राजस्थान NSUI अध्यक्ष
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पायलट के करीबियों पर गिरी गाज, अभिमन्यु पूनिया को हटा कर अभिषेक चौधरी को बनाया गया राजस्थान NSUI अध्यक्ष
कांग्रेस ने सचिन पायलट को बर्खास्त करने के बाद उनके करीबियों पर भी कार्रवाई की है (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

कांग्रेस ने सचिन पायलट (Sachin Pilot) के करीबी अभिमन्यु पूनिया (Abhimanyu Poonia) को राजस्थान एनएसयूआई (NSUI) के अध्यक्ष पर से हटा दिया है. पार्टी ने नोटिस जारी कर अभिषेक चौधरी (Abhishek Choudhary) को तत्काल प्रभाव से राजस्थान एनएसयूआई (Rajasthan NSUI) का नया अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की सूचना दी

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नई दिल्ली. सचिन पायलट (Sachin Pilot) की कांग्रेस से बर्खास्तगी के बाद अब उनके करीबियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है. कांग्रेस ने अभिमन्यु पूनिया (Abhimanyu Poonia) को राजस्थान एनएसयूआई (NSUI) के अध्यक्ष पर से हटा दिया है. इस बारे में नोटिस जारी किया है. पार्टी ने अभिषेक चौधरी (Abhishek Choudhary) को तत्काल प्रभाव से राजस्थान एनएसयूआई (Rajasthan NSUI) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है.

दरअसल गहलोत बनाम पायलट की लड़ाई में कांग्रेस ने अशोक गहलोत का साथ देते हुए मंगलवार दोपहर सचिन पायलट (Sachin Pilot) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें डिप्टी सीएम के पद और पीसीसी अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया. बदली हुई राजनीतिक परिदृश्य में अभिमन्यु पूनिया ने राजस्थान एनएसयूआई अध्यक्ष से अपना इस्तीफा दे दिया. पूनिया ने दावा किया कि उनके साथ 400-500 यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल के नेताओं ने भी अपना पद छोड़ दिया है. अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि मैंने सचिन पायलट के समर्थन में त्यागपत्र दे दिया है. उन्होंने चुने हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को भी हटा दिया है.


मुकेश भाकर को यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया



वहीं कांग्रेस ने सचिन पायलट के करीबी लडलुन के विधायक मुकेश भाकर पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया है.

बता दें कि सचिन पायलट खेमे के विधायक मुकेश भाकर ने अशोक गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पर शायरी लिखकर निशाना साधा था. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा था, 'जिंदा हो तो नजर आना जरूरी है.. उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है.. कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी.. वो हमें मंजूर नहीं.'

स्पष्ट है कि मुकेश भाकर ने कांग्रेस में रहने को अशोक गहलोत की गुलामी करार दिया था. जिसके लिए वो तैयार नहीं थे.
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