GehlotVsPilot: पायलट समर्थक विधायक मुकेश भाकर ने खोला मोर्चा, कहा- गहलोत की गुलामी मंजूर नहीं
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GehlotVsPilot: पायलट समर्थक विधायक मुकेश भाकर ने खोला मोर्चा, कहा- गहलोत की गुलामी मंजूर नहीं
अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की राजनीतिक लड़ाई में पार्टी और विधायक खेमेबाजी में बंट गई है (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

सचिन पायलट के करीबी विधायक मुकेश भाकर ने शायराना अंदाज में ट्वीट कर लिखा, 'जिंदा हो तो नजर आना जरूरी है.. उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है.. कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी.. वो हमें मंजूर नहीं'

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  • Last Updated: July 13, 2020, 10:09 PM IST
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जयपुर. राजस्थान के सियासी संग्राम (Rajasthan Political Crisis) में डिप्टी सीएम सचिन पायलट खेमे (Sachin Pilot Camp) के विधायक मुकेश भाकर (Mukesh Bhakar) ने मोर्चा खोल दिया है. यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश भाकर ने सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पर निशाना साधा. उन्होंने अपने ट्वीट में शायरी में लिखा, 'जिंदा हो तो नजर आना जरूरी है.. उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है.. कांग्रेस में निष्ठा का मतलब है अशोक गहलोत की गुलामी.. वो हमें मंजूर नहीं.'

स्पष्ट है कि मुकेश भाकर कांग्रेस में रहने को अशोक गहलोत की गुलामी करार दे रहे हैं. जिसके लिए वो तैयार नहीं हैं.


मंगलवार सुबह फिर बुलाई गई विधायकों की बैठक



इस बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों की मंगलवार सुबह फिर से बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इसमें पल-पल बदलते राजनीतिक हालात पर चर्चा की जाएगी जिसकी रिपोर्ट आलाकमान को भेजी जाएगी. कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को भी बैठक में शामिल होने का बुलावा भेजा गया है.

इससे पहले सोमवार को दोपहर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में कांग्रेस और उसे समर्थन दे रहे 107 विधायकों ने हिस्सा लिया. विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर बीजेपी पर षड्यंत्रकारी मनसूबों की घोर निंदा की गई. साथ ही कांग्रेस का कोई पदाधिकारी या विधायक दल का कोई सदस्य अगर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कांग्रेस सरकार या पार्टी विरोधी गतिविधि करता है या ऐसे षड्यंत्र में शामिल है तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई. विधायकों ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी में अपनी आस्था जताते हुए राज्य की अशोक गहलोत सरकार के समर्थन की बात कही थी.

आपसी खेमेबाजी में बंटे नेता और विधायक

अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की यह राजनीतिक लड़ाई आपसी खेमेबाजी में बंट गई है. जिसमें कांग्रेस के ज्यादातर विधायक अशोक गहलोत के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं. वहीं सचिन पायलट का अपना दावा है कि उनके साथ तीस विधायक खड़े हैं.

बता दें कि 200 सदस्यों वाले राजस्थान विधानसभा में सत्ताधारी कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं जबकि बीजेपी के 72 विधायक हैं. कांग्रेस को राज्य के 13 में से 12 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है.
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