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Rajasthan: फिर नहीं बिका सरकारी हेलीकॉप्टर अगस्ता, राजे और गहलोत कई बार कर चुके हैं इससे यात्रा

राज्य सरकार ने साल 2005 में अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से 30 करोड़ रुपए से अधिक में यह पावर हेलीकॉप्टर ए-109 ई खरीदा था.

राज्य सरकार ने साल 2005 में अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से 30 करोड़ रुपए से अधिक में यह पावर हेलीकॉप्टर ए-109 ई खरीदा था.

Rajasthan government helicopter Augusta auction: 30 करोड़ से अधिक की रकम से खरीदे गये इस हेलिकॉप्टर आगस्त को राज्य सरकार महज साढ़े चार करोड़ में बेचने के लिये तैयार है, लेकिन इसे कोई खरीदार नहीं मिल रहा है.

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जयपुर. पिछले करीब 10 साल से सरकारी चेतक बने सरकारी हेलीकॉप्टर अगस्ता (Helicopter augusta) को एक बार फिर कोई खरीददार नहीं मिला है. रेट काफी कम करने के बावजूद भी किसी फर्म ने इसे खरीदने में कोई रुचि नहीं दिखाई. 6 अप्रैल को नियमों में छूट के बावजूद भी कोई आगे नहीं आया. स्टेट हैंगर के नागरिक उड्डयन निदेशालय (Directorate of civil aviation) में एडब्ल्यू-109 ई पॉवर हेलीकॉप्टर की नीलामी के लिए सरकार ने रिजर्व कीमत इस बार 4.5 करोड़ रुपए रखी थी.

पिछले महीने 24 मार्च को भी नीलामी में कोई खरीददार नहीं आया था. सरकार ने एक बार फिर बिड की तारीख बढ़ाई है. पहले 2 फरवरी को इसकी नीलामी आमंत्रित की गई थी. पिछले 7 वर्षों में इस हेलीकॉप्टर को कई बार बेचने का प्रयास किया गया, लेकिन यह नहीं बिक पाया. सरकार ने हेलीकॉप्टर को 30 करोड़ रुपये में खरीदा था. वसुंधरा सरकार ने वर्ष 2005 में हेलीकॉप्टर खरीदा था. नीलामी की शर्तों में संशोधन किये जाने के बाद भी अभी तक इसका खरीदार नहीं मिला है.

सात साल से हो रहे हैं बेचने के प्रयास
7 वर्ष पहले इसके 18 करोड़ रुपये मिल रहे थे. लेकिन नौकरशाही के अड़ंगे के कारण तब नहीं बेचा गया. इसके बाद 14 करोड़ में नीलामी रखी गई. फिर 12 करोड़ 40 लाख और इसके बाद 11 करोड़ में हेलीकॉप्टर बेचने की कोशिश कई बार हुई लेकिन सफलता नहीं मिल सकी. अब इसे साढ़े 4 करोड़ में बेचने को लेकर प्रयास किया जा रहा है लेकिन फिर भी सफलता नहीं मिल पा रही है.
30 करोड़ रुपए से अधिक रुपये में खरीदा गया था


राज्य सरकार ने साल 2005 में अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से 30 करोड़ रुपए से अधिक में यह पावर हेलीकॉप्टर ए-109 ई खरीदा था. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने-अपने कार्यकाल में इस हेलीकॉप्‍टर से देश के विभिन्न भागों की यात्रा कर चुके हैं. गत दिनों 3 मार्च को एसेसरीज के साथ मौके पर ही नीलामी आयोजित हुई, लेकिन किसी ने इंटरेस्ट नहीं दिखाया।

2011 में हुआ था सफर के दौरान हुआ था खराब
2011 में अशोक गहलोत मुख्यमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में इसी हेलीकॉप्टर में सवार होकर जा रहे थे. बीच रास्ते में ही हेलीकॉप्टर की पंखुड़ी का कैप उखड़ने से इसकी चूरू जिले के एक गांव में आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी. इसमें सीएम बाल-बाल बचे थे. कंपनी ने तकनीकी खराबी बताया था. उसके बाद से इसे वीआईपी की यात्रा के लिए बंद कर दिया गया और फिर इसको बेचने का फैसला किया गया था.
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