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गहलोत सरकार का बड़ा कदम, MRI को रजिस्ट्रेशन के जरिये PCPNDT एक्ट के दायरे में लाने की तैयारी

राजस्थान में भ्रूण लिंग परीक्षण को लेकर गहलोत सरकार अब और सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है.

राजस्थान में भ्रूण लिंग परीक्षण को लेकर गहलोत सरकार अब और सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है.

Gehlot government in action: भ्रूण लिंग परीक्षण को लेकर सख्त रवैया अपनाने वाली गहलोत सरकार ने अब प्रदेशभर के एमआरआई सेंटर्स को पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में लाने की तैयारी कर ली है. प्रदेश के सभी एमआरआई सेंटर्स को अब रजिस्टर कराया जाएगा.

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जयपुर. भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों को लेकर गहलोत सरकार (Gehlot Government) अब और सख्त हो गई है. पीसीपीएनडीटी सेल (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques cell) ने राजस्थान में और इसके बाहर अब तक 158 डिकॉय ऑपरेशन (Decoy operation) कर भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले 170 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कोरोना काल होने के बावजूद इस साल अब तक तीन डिकॉय ऑपरेशन कर दो सोनोग्राफी सेंटर को सीज किया गया है. इसके साथ ही सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. सोनोग्राफी के अलावा एमआरआई (MRI) के जरिए भी भ्रूण के लिंग की जांच की जा सकती है. यही कारण है कि अब राजस्थान सरकार ने एमआरआई सेंटर्स पर भी सख्ती शुरू कर दी है. अब प्रदेशभर के एमआरआई सेंटर्स का रजिस्ट्रेशन करने की तैयारी है. ताकि सेंटर्स पर होने वाली एमआरआई के बारे में पता लगाया जा सके.

प्रदेश में लगभग 130 एमआरआई सेंटर हैं. इन सभी एमआरआई सेंटर्स को तकनीकी विशेषज्ञों की राय के अनुसार पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीकरण करवाकर पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है. सुधीर कुमार शर्मा, एमडी एनएचएम के मुताबिक भ्रूण लिंग परीक्षण को लेकर सरकार सख्त है और इसके सभी तरीकों को सख्ती से रोका जाएगा.

ऑनलाइन ही किया जाएगा सभी का पंजीकरण
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सोनोग्राफी मशीनों के निर्माता, डीलर, डिस्टीब्यूटर्स का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन करने की भी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई है. जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया ऑनलाइन कर पंजीकरण प्रमाण-पत्र भी आवेदक को ऑनलाइन ही उपलब्ध कराया जाए गा. ताकि प्रदेश में आने वाली सभी सोनोग्राफी मशीनों का रिकॉर्ड हर वक्त उपलब्ध हो.

मुखबिर योजना में प्रोत्साहन राशि अब तीन लाख रुपए
भ्रूण लिंग परीक्षण को लेकर राज्य सरकार की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है पीसीपीएनडीटी में मुखबिर योजना के तहत प्रोत्साहन राशि ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपए की जा चुकी है. इसी तरह प्रदेश में 265 सरकारी सोनोग्राफी सेंटर्स और 3 हजार 483 प्राइवेट अस्पतालों समेत कुल 3 हजार 748 सोनोग्राफी सेंटर्स को रजिस्टर्ड किया जा चुका है.

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