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Rajasthan: मिठास में बदली कड़वाहट, राज्यपाल मिश्र और सीएम गहलोत ने की एकदूसरे की जमकर तारीफ

जुलाई में सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद गहलोत सरकार पर आए संकट के समय विधानसभा-सत्र बुलाने को लेकर सरकार और राजभवन में टकराव हो गया  था.
जुलाई में सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद गहलोत सरकार पर आए संकट के समय विधानसभा-सत्र बुलाने को लेकर सरकार और राजभवन में टकराव हो गया था.

राजभवन और सरकार (Raj Bhavan and Government) के बीच कुछ माह पहले पैदा हुई कड़वाहट आज महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के दो अकादमिक भवनों के वर्चुअल लोकार्पण समारोह में मिठास (Sweetness) में बदली हुई दिखाई दी.

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जयपुर. महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के दो अकादमिक भवनों के वर्चुअल लोकार्पण समारोह में शुक्रवार को सीएम अशोक गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्र (CM Ashok Gehlot and Governor Kalraj Mishra) ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की. मौजूदा राजनीतिक हालात में दोनों ने जिस अंदाज में एक दूसरे की सार्वजनिक तारीफ (Praise) की है उससे सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं. कुछ माह पहले राजभवन और सरकार में टकराव के हालात हो गये थे. उसके बाद आज हुये घटनाक्रम से साफ हो गया कि कड़वाहट अब मिठास (Sweetness) में बदल चुकी है.

सीएम गहलोत बोले आज उन्होंने दिल जीत लिया
सीएम अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र की तारीफ करते कहा कि कोराना काल में मेरा ख्याल तो राज्यपाल रख रहे हैं. गहलोत ने कह कि मुझे चलाकर फोन करने वाले राज्यपाल कोई 40 साल में आए हैं और वो कलराज मिश्र हैं. राज्यपाल मुझे फोन करते रहते हैं कि मास्क लगाओ. गहलोत ने कहा कि कलराज मिश्र की सोच राजस्थान से मिलती है. बकौल गहलोत मैंने सात आठ राज्यपालों के साथ काम किया है लेकिन कलराज मिश्र उन सबमें अलग व्यक्त्वि हैं. सीएम ने कहा कि आज उन्होंने दिल जीत लिया. आजा उन्होंने जब संविधान की प्रस्तावना पढ़कर सुनाई तो मैं भावुक हो गया. राज्यपाल ने यह नई शुरुआत की है. हमने फैसला किया है कि स्कूली किताबों के पहले पन्ने पर संविधान की प्रस्तावना लिखी जाएगी. नई किताबों में यह छपना शुरू हो गई है.

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राज्यपाल मिश्र बोले मुख्यमंत्री यशस्वी और गतिशील व्यक्तित्व
राज्यपाल कलराज मिश्र ने सीएम अशोक गहलोत समेत उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी और उर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला की भी तारीफ की. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री गहलोत को यशस्वी और गतिशील व्यक्तिव के धनी कहकर संबोधित किया. राज्यपाल ने कहा मैं जब राज्यपाल बनकर आया तब मैंने कहा था कि कुछ स्थानों पर हम साथ साथ रहेंगे तो अच्छा संदेश जाएगा. जब कार्यपालिका प्रमुख साथ रहेंगे तो एकता का संदेश जाता है. राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बहुत काम किया है. शिक्षा के क्षेत्र को लेकर वे चिंतित रहे हैं. बकौल मिश्र जब जब मैंने विश्वविद्यालयों के लिए काम करने का प्रयास किया मुख्यमंत्री का सहयोग मिला. मिश्र ने कहा कि हमने टास्क फोर्स बनाया है. मुख्यमंत्री और राज्यपाल का समन्वय बना रहना चाहिए.

जुलाई में बने थे टकराव के हालात
उल्लेखनीय है कि जुलाई में सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद गहलोत सरकार पर आए संकट के समय विधानसभा-सत्र बुलाने को लेकर सरकार और राजभवन आमने सामने हो गए थे. राज्यपाल ने उस वक्त विधानसभा-सत्र बुलाने की फाइल तीन बार लौटा दी थी. तब सीएम गहलोत के साथ कांग्रेस विधायकों ने राजभवन में धरना दिया था. उस वक्त सीएम और राज्यपाल के रिश्तों में तनाव साफ दिख रहा था. राज्यपाल ने बाद में विधानसभा-सत्र बुलाने की मंजूरी दी थी, लेकिन 21 दिन के नोटिस की शर्त पर. अब राज्यपाल और सीएम ने जिस तरह सार्वजनिक रूप से एक दूसरे की तारीफ की है उससे सियासी हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
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