Rajasthan : राज्यपाल कलराज मिश्र ने दो विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति की
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Rajasthan : राज्यपाल कलराज मिश्र ने दो विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति की
राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्र ने दो कुलपतियों की नियुक्ति का आदेश जारी किया. (फाइल फोटो)

प्रो. राजीव जैन कोटा विश्वविद्यालय, कोटा में वाणिज्य एवं प्रंबधन विभाग के डीन रहे हैं. वही प्रो. भागीरथ सिंह महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के पूर्व कुलपति हैं.

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  • Last Updated: September 9, 2020, 4:52 PM IST
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जयपुर. राज्यपाल कलराज मिश्र (Governor Kalraj Mishra) ने बुधवार को आदेश जारी कर दो विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्त किए हैं. राजस्थान विश्वविद्यालय (Rajasthan University), जयपुर में प्रो. राजीव जैन को कुलपति बनाया है जबकि पं. दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय (Pt Deendayal Upadhyay Shekhawati University), सीकर में प्रो. भागीरथ सिंह को बतौर कुलपति नियुक्त किया है. प्रो. राजीव जैन कोटा विश्वविद्यालय, कोटा में वाणिज्य एवं प्रंबधन विभाग के डीन रहे हैं. वही प्रो. भागीरथ सिंह महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के पूर्व कुलपति हैं. राजस्थान विश्वविद्यालय में कुलपति का पद 13 जुलाई 2020 से रिक्त चल रहा था, वही पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में 22 फरवरी 2020 से कुलपति का पद खाली था.

अभी और दो विश्वविद्यालयों में नियुक्त होंगे कुलपति

हम आपको बता दें कि प्रदेश में सरकारी 27 विश्वविद्यालय हैं, जिनमें दो विश्वविद्यालय ऐसे हैं जहां कुलपति की नियुक्ति होनी है. सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय जोधपुर में कुलपति का पद 15 अक्टूबर 2015 से रिक्त चल रहा है, वहीं राजस्थान आईएलडी कौशल विश्वविद्यालय जयपुर में कुलपति का पद 12 जुलाई 2020 से रिक्त चल रहा है.



घूसखोरी में कुलपति समेत 3 रिमांड पर
एक अन्य खबर के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) टीम के हत्थे चढ़े 2 लाख 20 हजार की रिश्वत लेते एमडीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो आरपी सिंह (RP Singh), उनके दलाल रणजीत और नागौर के निजी कॉलेज के प्रतिनिधि महिपाल को मंगलवार शाम ब्यूरो ने एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया. ब्यूरो ने अदालत से तीनों को रिमांड पर सौंपने का आग्रह किया. इस पर तीनों को 10 सितंबर तक एसीबी के रिमांड पर भेजने का आदेश कोर्ट ने जारी किया है. इससे पहले मंगलवार सुबह एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन खुद अजमेर पहुंचे और करीब 3 घंटे तक तीनों से अलग-अलग पूछताछ की.

यूनिवर्सिटी के कई अफसर एसीबी के रडार पर

एडीजी दिनेश एमएन ने साफ कहा कि रिश्वत का यह खेल कुलपति के इशारों पर ही चल रहा था. 2 महीने पहले भी ब्यूरो की टीम ट्रैप करने वाली थी, लेकिन एन वक्त पर ट्रैप फैल हो गया था. उस वक्त भीलवाड़ा के एक निजी कॉलेज संचालक ने ब्यूरो को शिकायत दी थी जिस पर एसीबी ने कुलपति और उसके दलाल रंजीत का फ़ोन सर्विलांस पर रखा था. बतौर एसीबी एडीजी दिनेश एमएन से खुद कुलपति ने पैसों की मांग रखी थीं. इसके बाद भी ब्यूरो लगातार इन पर नजर रख रहा था. अब इस पूरे मामले में यूनिवर्सिटी के कई अन्य अफसर भी एसीबी की जांच राडार पर आ गए है.
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