राज्यपाल कलराज मिश्र ने CM गहलोत को लिखा पत्र, कहा- वैक्सीन की बर्बादी की उच्च स्तरीय जांच कराएं

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर वैक्सीन की बर्बादी की जांच कराने को कहा है. (Twitter)

Wastage of corona vaccine: राजस्थान में वैक्सीन के 500 वायल कूड़ेदान में मिलने के बाद राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है. विपक्षी दल भाजपा लगातार गहलोत सरकार पर हमलावर बना हुआ है. अब राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी सीएम को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने को कहा है.

  • Share this:
जयपुर. राजस्थान में वैक्सीन के 500 वायल कूड़ेदान (Wastage of corona vaccine) में मिलने के बाद से राज्य की अशोक गहलोत सरकार विपक्ष के निशाने पर है. अभी विवाद थमा नहीं है. विपक्षी दल भाजपा लगातार गहलोत सरकार पर हमलावर बना हुआ है. वहीं राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र (Governor kalraj mishra) ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Cm ashok gehlot) को पत्र लिखकर वैक्सीन की बर्बादी की उच्च स्तरीय जांच कराने और टीकों को वेस्टेज की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कहा है.  बीजेपी प्रवक्ता राज्यवर्धन राठौड़ ने राजस्थान में वैक्सीन की बर्बादी पर श्वेत पत्र जारी करने की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की.

इधर, वैक्सीन को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने एक बार फिर से हमला बोला है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से मिली वैक्सीन की गहलोत सरकार ने कद्र नहीं की, उसे कचरे के ढेर में फेंक दिया, कचरा पात्र में वैक्सीन की वायल मिलना, यह हकीकत और आंख खोलने वाली सच्चाई है. इस तरीके की लापरवाही से यदि आपकी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मुकरते हैं तो वो जनता की अदालत में सबसे बड़े दोषी हैं. मुख्यमंत्री जी कचरे के ढेर में वैक्सीन को देखकर राजस्थान का नौजवान आपसे पूछता है कि हमारी वैक्सीन कचरे में क्यों फेंकी? आपके पास सिर्फ कुतर्क और व्यर्थ के मुद्दे हैं, कोरोना प्रबंधन में आप पूरी तरह असफल रहे हैं. मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो स्वास्थ्य मंत्री पर मेहरबान होने के बजाय इस मामले की ऑडिट करवायें.

600 करोड़ रुपए से वैक्सीन मंगाकर युवाओं को लगाई जाएं 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने गहलोत पर निशाना साधते हुये कहा कि, आपके नेता राहुल गांधी के भ्रम के कारण राजस्थान के नौजवानों का जीवन खतरे में पड़ गया है, आपने कहा था 18+ के नौजवानों को राज्य सरकार निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी और इसके लिए आपने एक पब्लिक अकाउंट भी जारी किया, जिसमें प्रदेश के विधायकों के कोष के तीन-तीन करोड़ रुपए यानी कुल 600 करोड़ रुपए प्राप्त किए. डॉ. पूनियां का कहना है कि प्रदेश में ऑक्सीजन और रेमडेसिवर इंजेक्शन के असंतुलित वितरण के कारण कोरोना का कुप्रबंधन हुआ. जिसके कारण राज्य में अफरा-तफरी का माहौल रहा. नौजवान अस्पताल के दरवाजे पर दम तोड़ते रहे. मुख्यमंत्री व उनके मंत्री सियासत करते रहे. उन्होंने कहा कि, राजस्थान की जनता कोरोना कुप्रबंधन को लेकर गहलोत से जवाब मांगेगी, जनता आपको माफ नहीं करेगी.