बेमिसाल पहल- जैविक खेती के प्रति जागरुकता के लिए इस किसान ने छोड़ी डेढ़ लाख प्रतिमाह की आय

प्रदेश में जैविक खेती (Organic farming) प्रति किसानों (Farmers) में जागरुकता (Awareness) लाने के लिए किसान अपने खर्चे पर पूरे प्रदेश में रथयात्रा निकालेंगे. प्रदेश में सरकारी प्रयासों (Government efforts) से अभी तक जैविक खेती का दायरा अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पाया है. अब किसान अपने स्तर पर इस मुहीम (Mission) को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 9, 2019, 1:16 PM IST
बेमिसाल पहल- जैविक खेती के प्रति जागरुकता के लिए इस किसान ने छोड़ी डेढ़ लाख प्रतिमाह की आय
प्रगतिशील किसान भंवर सिंह पीलीबंगा की पहल पर यह जैविक जागरुकता अभियान शुरू होने जा रहा है. अभी भंवर सिंह जैविक खेती के लिए विभिन्न निजी कंपनियों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इससे उन्हें करीब डेढ़ लाख प्रति महीने की आय होती है.फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 9, 2019, 1:16 PM IST
जयपुर. प्रदेश में जैविक खेती (Organic farming) कर रहे किसान (Farmer) एक अनूठी और बेमिसाल पहल (Great initiative) करने जा रहे हैं. किसान अपने खर्चे पर पूरे प्रदेश में रथयात्रा निकालकर जैविक खेती के प्रति जागरुकता (Awareness) फैलायेंगे. प्रदेश में सरकारी प्रयासों से अभी तक जैविक खेती का दायरा अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पाया है. अब किसान अपने स्तर पर इस मुहीम (Mission) को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.

प्रगतिशील किसान भंवर सिंह पीलीबंगा की पहल
प्रगतिशील किसान भंवर सिंह पीलीबंगा की पहल पर यह जैविक जागरुकता अभियान शुरू होने जा रहा है. अभी भंवर सिंह जैविक खेती के लिए विभिन्न निजी कंपनियों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इससे उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपए प्रति महीने की आय होती है. लेकिन भंवर सिंह ने अब अपनी इस नियमित आय को छोड़कर जैविक खेती के प्रति जागरुकता लाने का बीड़ा उठाया है जो देश में अपनी तरह का अनूठा प्रयास है.

जैविक खेती के प्रति चेतना लाएंगे

राजस्थान में जैविक खेती का दायरा तो बढ़ रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार बेहद सुस्त है. सरकारी प्रयासों से अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं आने के बाद अब जैविक खेती कर रहे किसान खुद अपने स्तर पर इस मुहीम को आगे बढ़ाने की पहल कर रहे हैं. पिछले कई बरसों से जैविक खेती कर रहे किसानों के एक समूह ने गांव-गांव जाकर किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरुक करने की ठानी है. ये किसान अपने खर्चे पर रथयात्रा निकालकर पूरे प्रदेश में किसानों में जैविक खेती के प्रति चेतना लाएंगे और जैविक खेती में सामने आ रही समस्याओं को अपने अनुभव से दूर करने का प्रयास करेंगे.

यह है पूरी रणनीति
- 10 सितबंर से शुरू होगा जैविक जागरुकता अभियान.
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- अपने खर्चे पर करीब 10 हजार किलोमीटर की रथयात्रा निकाली जाएगी.
- तहसील स्तर पर जाकर किसानों को जैविक खेती के गुर सिखाएं जाएंगे.
- करीब 1 लाख किसानों से मिलकर उनका डाटा तैयार करने का है लक्ष्य.
- 15-20 हजार किसानों को सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है.
- देशी बीज और देशी गाय को बढ़ावा देने का भी संदेश दिया जाएगा.
- जागरुकता अभियान का पहला चरण करीब 3 महीने में पूरा होगा.
- पूर्वी राजस्थान के 4 जिले दूसरे चरण में कवर किए जाएंगे.

10 किसान इस रथयात्रा के साथ जाएंगे
जैविक खेती कर रहे 10 किसान इस रथयात्रा के साथ जाएंगे जो किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे. दूसरे राज्यों के राष्ट्रपति पुरस्कार और अन्य सम्मानों से सम्मानित किसान भी बीच-बीच में इस यात्रा में शामिल होकर अपना योगदान देंगे. जागरुकता अभियान पर निकल रहे किसानों का कहना है कि मानव स्वास्थ्य और जमीन के स्वास्थ्य के साथ ही पानी बचाने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाना जरुरी है. जो बात सरकार अब तक किसानों को व्यापक स्तर पर नहीं समझा सकी वो बात अब किसानों को किसानों की ही भाषा में ज्यादा अच्छी तरह समझ में आएगी. सरकारी सहयोग इतना है कि कृषि अधिकारी इस जागरुकता अभियान के लिए किसानों को एकत्रित करेंगे.

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First published: September 9, 2019, 1:11 PM IST
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