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Jaipur News: ग्रेटर नगर निगम ने खजाना भरने का निकाला तरीका, व्‍यावसायिक गतिविधियों के लिए देने होंगे शुल्‍क

जयपुर ग्रेटर नगर निगम ने पहले कोरोना के कारण इसे कुछ वक्त के लिए टाल दिया गया था. लेकिन अब निगम ने इसको लागू करने का मानस बना लिया है.

जयपुर ग्रेटर नगर निगम ने पहले कोरोना के कारण इसे कुछ वक्त के लिए टाल दिया गया था. लेकिन अब निगम ने इसको लागू करने का मानस बना लिया है.

Jaipur Greater Municipal Corporation News: जयपुर ग्रेटर नगर निगम इलाके में अब कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, हॉस्पिटल, लैब, वाचनालय और तंबाकू उत्पादों के बिक्री के लिए न केवल निगम में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, बल्कि शुल्क भी देना होगा.

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जयपुर. राजस्‍थान की राजधानी जयपुर के ग्रेटर नगर निगम (Jaipur Greater Municipal Corporation) क्षेत्र में चुनिंदा व्यवसायिक गतिविधियों (Business Activities) के संचालन के लिए अब न केवल निगम से अनुमति लेनी पड़ेगी, बल्कि उसके लिए शुल्क भी चुकाना पड़ेगा. ग्रेटर नगर निगम ने इसके लिए गुरुवार से इन व्यवसायिक गतिविधियों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलहाल ये प्रक्रिया ऑफलाइन ही लागू की जाएगी, लेकिन जल्द ही इसे ऑनलाइन कर दिया जाएगा. इनका रजिस्ट्रेशन करने के लिए ग्रेटर निगम प्रशासन ने हर जोन को टारगेट दिए हैं. हाल ही में ग्रेटर निगम ने ये नियम बनाए थे. उन्हें बाद में राज्य सरकार ने भी मंजूर कर लिया था.

जयपुर ग्रेटर नगर निगम इलाके में कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी, वाचनालय, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर, क्लीनिक, हॉस्टल और पीजी के संचालन के साथ ही तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए अनुमति लेनी होगी. 26 अगस्त से निगम इन गतिविधियों के संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की शुरू करने जा रहा है. निगम प्रशासन की ओर से निगम के सातों जोन आयुक्त को इसके निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रत्येक श्रेणी में प्रत्येक जोन अनिवार्य रूप से 26 अगस्त से रजिस्ट्रेशन करना शुरू कर दे. पहले कोरोना के कारण इसे कुछ वक्त के लिए टाल दिया गया था. अब निगम ने इसको लागू करने का मानस बना लिया है.

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कोचिंग संस्थान और हॉस्टल के लिये चुकाना होगा शुल्क
कोचिंग संस्थान, पुस्तकालय और वाचनालय के लिए 100 विद्यार्थियो से कम संख्या पर 5 वर्ष के लिए पंजीयन शुल्क 20 हजार रुपये और अनुमति शुल्क 10 हजार रुपये वार्षिक रहेगा. 101 से 500 विद्यार्थियो तक की संख्या पर 5 वर्ष के लिए पंजीयन शुल्क 75 हजार रुपये और अनुमति शुल्क 50 हजार रुपये वार्षिक रहेगा. 501 से 1 हजार विद्यार्थियो तक की संख्या पर 5 वर्ष के लिए पंजीयन शुल्क 2 लाख रुपये और अनुमति शुल्क 1 लाख 50 हजार रुपये वार्षिक होगा. 1001 से अधिक विद्यार्थियो तक की संख्या पर 5 वर्ष के लिए पंजीयन शुल्क 3 लाख रुपये और अनुमति शुल्क 2 लाख 50 हजार रुपये वार्षिक होगा.

मेडिकल सेक्टर के लिए भी दरें निर्धारित
चिकित्सालय, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर और क्लीनिक के लिए पंजीयन शुल्क 300 वर्गमीटर तक के लिए 10 हजार रुपये और 300 वर्गमीटर से अधिक के लिए 20 हजार रुपये होगा. डायग्नोस्टिक सेंटर और पैथ लेब के लिए उपयोग शुल्क 10 हजार रुपये वार्षिक होगा. हॉस्पिटल, क्लीनिक और नर्सिंग होम के लिए 500 वर्गमीटर तक 5 हजार रुपये वार्षिक, 501 से 1 हजार वर्गमीटर तक 25 हजार रुपये वार्षिक, 1 हजार वर्गमीटर से 2500 वर्गमीटर तक 35 हजार रुपये वार्षिक और 2500 वर्गमीटर से अधिक पर 50 हजार रुपये वार्षिक शुल्क रहेगा. इसके अलावा जिन हॉस्पिटल में मेडिकल कॉलेज का संचालन किया जा रहा हैं उनके लिये 1 लाख रुपये वार्षिक शुल्क रहेगा.

हॉस्टल और पीजी के लिए भी शुल्क तय
हॉस्टल और पीजी के लिए 5 से 20 बेड के लिए पंजीयन शुल्क 10 हजार रुपये वार्षिक और उपयोग शुल्क 5 हजार रुपये वार्षिक रहेगा. 21 से 50 बेड के लिए पंजीयन शुल्क 20 हजार रुपये वार्षिक और उपयोग शुल्क 10 हजार रुपये वार्षिक होगा. 50 से ज्यादा बेड के लिए पंजीयन शुल्क 30 हजार रुपये वार्षिक और उपयोग शुल्क 20 हजार रुपये वार्षिक होगा.

तंबाकू विक्रेताओं को भी देने होंगे पैसे
तंबाकू विक्रेताओं के लिए अस्थाई दुकानों के लिए 100 रुपये वार्षिक पंजीयन शुल्क और वार्षिक अनुमति शुल्क 1 हजार रुपये. फुटपाथ पर गुमटी या कियोस्क के लिए 200 रुपये वार्षिक पंजीयन शुल्क और वार्षिक अनुमति शुल्क 12 हजार रुपये होगा. फुटकर स्थायी दुकानों के लिए 500 रुपये वार्षिक पंजीयन शुल्क और वार्षिक अनुमति शुल्क 15 हजार रुपये रहेगा. थोक विक्रेताओं के लिए 1 हजार रुपये वार्षिक पंजीयन शुल्क और वार्षिक अनुमति शुल्क 25 हजार रुपये देना होगा.

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