गुर्जर आंदोलन : छह घंटे की बातचीत के बाद समझौता पत्र तैयार करवा रही है सरकार, हस्ताक्षर बाकी

कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और उनके साथी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में शामिल नहीं हुए. वे आंदोलन के लिए अड़े हैं. (फाइल फोटो)
कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और उनके साथी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में शामिल नहीं हुए. वे आंदोलन के लिए अड़े हैं. (फाइल फोटो)

राजस्थान सरकार के साथ सचिवालय में गुर्जर नेताओं की मीटिंग तकरीबन 6 घंटे चली. तीसरे दौर की वार्ता के बाद गुर्जरों की मांग पर सहमति बनती दिख रही है. बताया गया कि सरकार की ओर से समझौता पत्र करवाया जा रहा तैयार है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2020, 8:38 PM IST
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जयपुर. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति (gujjar aarakshan sangharsh samiti) की ओर से 1 नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन की चेतावनी का असर दिखा. इससे पहले हुए गुर्जर आंदोलन से लिए सबक के बाद गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने इस बार आंदोलन को लेकर गंभीरता बरती और गुर्जर नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया. राजस्थान सरकार के साथ सचिवालय में गुर्जर नेताओं की मीटिंग तकरीबन 6 घंटे चली. तीसरे दौर की वार्ता के बाद गुर्जरों की मांग पर सहमति बनती दिख रही है. बताया गया कि सरकार की ओर से समझौता पत्र करवाया जा रहा तैयार है.

सचिवालय में हुई बातचीत में किरोड़ी लाल बैंसला गुट शामिल नहीं

गुर्जर नेताओं के साथ बैठक में मंत्री अशोक चांदना, निरंजन आर्य, नीरज के पवन और डॉ. रघु शर्मा मौजूद हैं. इनके अलावा मुख्य सचिव राजीव स्वरूप समेत कई आला अधिकारी भी मीटिंग में रहे. जबकि गुर्जर समाज की ओर से बैठक में हिम्मत सिंह, श्रीराम बैंसला मौजूद हैं. वहीं, अन्य गुर्जर नेता किरोड़ी लाल बैंसला का गुट इस मीटिंग में नहीं है. वह आंदोलन की घोषणा कर चुका है. गुर्जर आंदोलन को लेकर भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है.



तीसरे दौर की वार्ता के बाद बनने लगे समझौते के आसार
सचिवालय में सुबह से गुर्जर नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद सरकार की ओर से समझौता पत्र करवाया जा रहा तैयार है. सूत्रों ने बताया कि इस वार्ता में लगभग पूरी तरह से सहमति बन चुकी है. हालांकि बैकलॉग को लेकर गुर्जर समाज के नेताओं को सरकार के प्रतिनिधियों ने जब समझाया है तो बात बनती दिखी. तीसरे दौर की वार्ता के बाद गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने मंत्री रघु शर्मा से कहा कि कुछ देर के लिए आपलोग अधिकारियों के साथ बाहर जाएं, हमें आपस में बात करनी है. इस पर चुटकी लेते हुए मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि हमें ही बाहर भेजोगे?

लगभग छह घंटे चली वार्ता

सचिवालय में लगभग छह घंटे चली वार्ता के बाद सरकार और गुर्जर नेताओं के बीच पूरी तरह सहमति बनती दिख रही है. बैकलॉग के मुद्दे पर जब सरकार के प्रतिनिधियों ने गुर्जर नेताओं को समझाया तो उन्होंने सकारात्मक रुख दिखाया. बैकलॉग के अलावा गुर्जरों के मुआवजे की मांग, मृतक के तीन आश्रितों को नौकरी देने सहित कई बिंदुओं पर सरकार ने अपनी ओर से सहमति जताई है. सूत्रों ने बताया कि सरकार की ओर से सहमति पत्र तैयार करवाया जा रहा है. इस लिखित समझौते पर अब सिर्फ हस्ताक्षर होने बाकी हैं.

सरकार अब भी अलर्ट

आपको बता दें कि इस बैठक में आंदोलन की हुंकार भरने वाला गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का गुट शामिल नहीं है. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और उनके साथी आंदोलन के लिए अड़े हैं. गुर्जर समाज की राजनीति फिलहाल दो गुटों में चल रही है. राज्य सरकार आंदोलन को देखते हुए पूरी तरह से मुस्तैद है. सरकार लगातार कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रही है.
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