गुर्जर आरक्षण: गहलोत सरकार ने कैबिनेट सब कमेटी का किया पुनर्गठन, अब गुर्जर नेताओं से होगी वार्ता

एमबीसी आरक्षण की पालना के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा था. (फाइल फोटो)
एमबीसी आरक्षण की पालना के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा था. (फाइल फोटो)

कैबिनेट सब कमेटी (Cabinet sub committee) अति पिछड़ा वर्ग से संबंधित समाज के प्रतिनिधियों से बात करेगी. साथ में कमेटी अन्य बिंदुओ को भी देखेगी. सामाजिक न्याय विभाग कमेटी का प्रशासनिक विभाग होगा.

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जयपुर. अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने गुर्जर आरक्षण की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा के लिए गठित कैबिनेट सब कमेटी (Cabinet sub committee) का पुनर्गठन किया है. खेल मंत्री अशोक चांदना को कमेटी में शामिल किया गया है. ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में यह कमेटी गठित की गई है. सब कमेटी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को भी शामिल किया गया है. दरअसल, सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल (Master Bhanwar Lal Meghwal) कमेटी की जिम्मेदारी देख रहे थे, लेकिन अस्वस्थ होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं. इसके चलते एमबीसी आरक्षण की क्रियान्वित के लिए गठित कमेटी की मीटिंग नहीं हो पा रही थी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल के संयोजन में कमेटी का गठन किया था. कमेटी का गठन संबंधित विभागों में एमबीसी आरक्षण (MBC Reservation) की प्रगति की समीक्षा के लिये किया गया.

कमेटी गुर्जर नेताओं से बात करेगी
कैबिनेट सब कमेटी अति पिछड़ा वर्ग से संबंधित समाज के प्रतिनिधियों से बात करेगी. साथ में कमेटी अन्य बिंदुओ को भी देखेगी. सामाजिक न्याय विभाग कमेटी का प्रशासनिक विभाग होगा. हाल ही गुर्जर नेताओं का ने कहा था कि कमेटी की नियमित मीटिंग नहीं हो पा रही है.जिसके कारण एमबीसी आरक्षण कि सही ढंग से पालना नहीं हो पा रही है. सरकार के कतिपय विभाग आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं. गुर्जर युवाओं को नौकरियों में लाभ नहीं मिल पा रहा है.

संघर्ष समिति ने दिया था अल्टीमेटम
एमबीसी आरक्षण की पालना के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा था. पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की चिट्टी के बाद गहलोत सरकार हरकत में आई आ गई थी. पायलट ने सरकार पर चुनाव के दौरान वादा पूरा नहीं करने की बात थी. इसके कुछ दिन बाद ही गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने सरकार को देवनारायण बोर्ड को से सवैधानिक दर्जा देने और प्रक्रियाधीन भर्तियों में गुर्जर आरक्षण की पालना नहीं करने पर गहलोत सरकार को अल्टीमेटम दिया था.
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