Gujjar Reservation Movement: गुर्जर समाज को मनाने में जुटी गहलोत सरकार, की 3 बड़ी घोषणाएं

खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति को गुरुवार को वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन वे नहीं आये.
खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति को गुरुवार को वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन वे नहीं आये.

Gujjar Reservation Movement: गुर्जर समाज के वार्ता से इनकार और आंदोलन की चेतावनी के बाद सरकार में हड़कंप मचा हुआ है. गहलोत सरकार इसे किसी भी तरह से टालने में जुटी हुई है.

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जयपुर. आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज द्वारा (Gujjar Reservation Movement) दो दिन बाद 1 नवंबर से किये जाने वाले आंदोलन की चेतावनी के बाद गहलोत सरकार डैमेज कंट्रोल (Damage control) में जुट गई है. इस कड़ी में गुरुवार को राज्य सरकार के दो मंत्रियों (अशोक चांदना और डॉ. रघु शर्मा) ने साझा प्रेस कॉफ्रेंस करके कहा कि हमारी नियत में कोई खोट नहीं है. सरकार एमबीसी वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है. 2 साल में गुर्जर समाज के युवाओं को 2400 से ज्यादा नौकरियां दी जा चुकी है. प्रक्रियाधीन भर्तियों में 1356 लोगों को नियुक्तियां दी जा रही हैं. राज्य सरकार के पास कोई मांग नहीं बची है. सरकार गुर्जर समाज को मनाने के लिये तीन और घोषणाएं भी की हैं.

प्रेस कॉफ्रेंस में मंत्रियों ने कहा कि राजस्‍थान सरकार ने 3 घोषणाएं और की हैं. एमबीसी वर्ग के 1252 अभ्यर्थियों को नियमित वेतनमान दिया जाएगा. आरक्षण आंदोलन में गोली लगने के बाद जिन 3 आंदोलनकारियों की मौत हुई थी उनके परिजनों को सामाजिक सहयोग से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी जाएगी. खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति को गुरुवार के वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन वे नहीं आये.

Gujjar Reservation Movement: गुर्जर नेताओं ने मंत्रिमण्डलीय उपसमिति से वार्ता से किया इनकार, सक्रिय हुई सरकार

 नवंबर से आंदोलन की चेतावनी दे चुका है गुर्जर समाज


उल्लेखनीय है कि गुर्जर समाज आरक्षण से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर 1 नवंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दे चुका है. आरक्षण के मसले को लेकर पिछले आंदोलनों के बाद लगातार चले वार्ताओं के दौर से थके समाज के नेताओं ने सरकार को साफ कह दिया है कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी. गुर्जर नेताओं ने सरकार को अल्टीमेटम दे रखा है कि या तो आरक्षण से जुड़ी सभी मांगों को पूरा कर दे अन्यथा समाज फिर सड़कों पर आयेगा.


Gujjar Reservation Movement: 1 नवंबर को पूरे राजस्थान को जाम करने की चेतावनी, सरकार अलर्ट

वार्ता करने से इनकार कर चुके हैं गुर्जर नेता
गुर्जर नेता ने सरकार से जयपुर में वार्ता करने से साफ इनकार कर चुके हैं. उनका कहना है कि गुर्जर समाज अब कहीं वार्ता करने के लिये नहीं जायेगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो समाज के नेताओं 1 नवंबर को राजस्थान जाम करने की चेतावनी दे रखी है. उसके बाद से सरकार में हड़कंप मचा हुआ है. आंदोलन के मद्देनजर सीएम अशोक गहलोत बुधवार रात को पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी कर चुके हैं.
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