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गुर्जर आरक्षण : कानूनी दांवपेंच में फंसा है मसला, गुर्जर नेताओं के हैं ये तर्क

गुर्जर आरक्षण : कानूनी दांवपेंच में फंसा है मसला, गुर्जर नेताओं के हैं ये तर्क

फाइल फोटो

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प्रदेश में एक बार फिर से गुर्जर आरक्षण का मामला गरमा रहा है. गुर्जर नेताओं को कहना है कि सवर्ण समाज को आर्थिक पिछड़ा वर्ग में 10 फीसदी आरक्षण दे दिया है तो फिर उन्हें क्यों नहीं दिया जा सकता ?

प्रदेश में एक बार फिर से गुर्जर आरक्षण का मामला गरमा रहा है. गुर्जर समाज पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर फिर से सड़कों पर आने के लिए आमादा हो रहा है. गुर्जर नेताओं की मांग है कि उन्हें 5 फीसदी विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) के तहत आरक्षण दिया जाए.

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गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला एवं समाज के लोग आक्रोशित हैं. उनका कहना है कि जब आर्थिक पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का बिल 10 दिन में लाया जा सकता है तो फिर लंबे समय से चल रही गुर्जर समाज की मांग को पूरा करने के लिए उसे संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल क्यों नहीं किया जा रहा ? गुर्जर नेताओं को कहना है कि सवर्ण समाज को आर्थिक पिछड़ा वर्ग में 10 फीसदी आरक्षण दे दिया है तो फिर उन्हें क्यों नहीं दिया जा सकता ?

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यहां फंसा है पेंच
सुप्रीम कोर्ट ने 50 फ़ीसदी से ज्यादा आरक्षण देने पर रोक लगा रखी है. अभी गुर्जरों को प्रदेश में एमबीसी के तहत एक फीसदी आरक्षण मिला हुआ है. इसे मिलाकर प्रदेश में अभी आरक्षण 50 फीसदी तक पहुंच चुका है. गुर्जर समाज सहित पांच जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग में आरक्षण देने के लिए पूर्वीवर्ती वसुंधरा सरकार ने गजट नोटिफिकेशन निकाल दिया था. लेकिन इससे आरक्षण का आंकड़ा 50 फिसदी ऊपर चले जाने से चलते यह पूरा मामला कोर्ट में चला गया था. कोर्ट ने सरकार के इस गजट नोटिफिकेशन रोक लगा दी थी.

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पेंडिंग एसएलपी कि जल्द से जल्द सुनवाई हो
गुर्जरों का कहना है कि आरक्षण के लिए बांधी गई इस सीमा को हटाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखे. क्योंकि केंद्र सरकार ने सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देकर संविधान में संशोधन कर दिया है. इससे आरक्षण का कोटा 50 फीसदी से ज्यादा हो गया है. ऐसी स्थिति में अब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अमान्य हो गया है. गुर्जर नेताओं का कहना है कि एसबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग एसएलपी कि जल्द से जल्द सुनवाई हो और उस पर निर्णय किया जाए.

सरकार मजबूती के साथ पैरवी करे
गुर्जर नेताओं का कहना है कि कोर्ट में चल रहे इस मामले को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. सरकार की तरफ से इस मामले की पैरवी करने के लिए विधि एक्सपर्ट वकील ही किया जा रहा है. ना ही कोर्ट में मजबूती पैरवी की जा रही है.
गहलोत सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति लेने के बाद ही गुर्जरों को एसबीसी में पांच फ़ीसदी आरक्षण दिया जा सकता है. इस मामले में विधिक राय ली जा रही है.

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Tags: Ashok gehlot, BJP, Congress, Jaipur news, Rahul gandhi, Rajasthan news, Reservation, Sachin pilot

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