Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    गुर्जर आरक्षण आंदोलन: आज निकल सकता है हल, नरम पड़े कर्नल बैंसला सीएम से मिलने आ रहे जयपुर

    कर्नल अपने पुत्र विजय सिंह बैसला और गुर्जर समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपुर के लिये रवाना हो गये हैं.
    कर्नल अपने पुत्र विजय सिंह बैसला और गुर्जर समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपुर के लिये रवाना हो गये हैं.

    Gurjar Reservation Movement: मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन को उग्र करने और पटरी पर ही बातचीत के लिये अड़े कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला (Colonel Kirori Singh Bainsla) के तेवर नरम पड़ गये हैं.

    • Share this:
    जयपुर. राजस्थान में चल रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन (Gurjar Reservation Movement) के 11वें दिन बुधवार को इसके समाधान की कोई राह निकल सकती है. आंदोलन और पटरी पर ही बातचीत करने के लिये अड़े गुर्जर आरक्षण संषर्घ समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला (Colonel Kirori Singh Bainsla) के तेवर अब कुछ नरम पड़े हैं. वे अब पटरी से हटकर बातचीत करने के लिये तैयार हो गये हैं. सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने गुर्जर समाज के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिये बुलाया है. उसके बार कर्नल किरोड़ी बैसला हिंडौन से जयपुर के लिये रवाना हो गये हैं.

    मसले के समाधान के लिये 11 नवंबर सीएम निवास पर दोपहर 12 बजे वार्ता प्रस्तावित है. सीएम अशोक गहलोत ने गुर्जर नेताओं को वार्ता के लिए बुलावा भेजा है. उसके बाद कर्नल अपने पुत्र विजय सिंह बैसला और गुर्जर समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपुर के लिये रवाना हो गये हैं. सीएम निवास पर होने वाली इस बैठक में समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है.

    आंदोलनकारियों का दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर कब्जा जारी
    इस बीच गुर्जर आंदोलनकारियों का दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर कब्जा जारी है. वहां आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर तम्बू गाड़कर बैठै हैं. इसके चलते इस रेल मार्ग पर रेल यातायात बाधित हो रहा है. इस मार्ग की ट्रेनों को डाइवर्ट करने का सिलसिला भी लगातार जारी है. आंदोलन के कारण करौली और भरतपुर समेत आसपास के जिलों में इंटरनेट बंद है. इसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
    Karauli: भारी-भरकम चट्टान के नीचे दबी महिला को मौत के मुंह से खींच लाए ग्रामीण, तस्‍वीरों से जानें पूरी घटना



    पहले बेनतीजा रही थी वार्ता
    इस बार इस आंदोलन की बागडोर अघोषित रूप से कर्नल बैंसला के पुत्र विजय बैंसला के हाथ में है. पटरी पर बैठे आंदोलनकारियों का कहना है कि वे सभी मांगें पूरी नहीं होने तक यहीं पर डटे रहेंगे. हाल ही में राज्य सरकार की ओर से खेलमंत्री एवं करौली के जिला प्रभारी अशोक चांदना ने आंदोलनकारियों से वार्ता की थी, लेकिन वह बेनतीजा रही थी.
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज