Haj Yatra-2021: जानिये सऊदी सरकार ने क्या-क्या किये हैं बदलाव, कहां कितना खर्च करना पड़ेगा

इस बार में बस में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिये 45 के बजाय 15 यात्री ही सफर करेंगे. इस कारण किराया ज्यादा देना होगा. (Photo Credit-AP)
इस बार में बस में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिये 45 के बजाय 15 यात्री ही सफर करेंगे. इस कारण किराया ज्यादा देना होगा. (Photo Credit-AP)

Haj Yatra-2021: कोरोना महामारी के कारण सऊदी अरब सरकार (Saudi Arabian Government) ने हज यात्रियों के लिये कोविड-19 की गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत यात्रियों को कई बुनियादी सुविधायें (Basic facilities) नहीं मिल पायेगी वहीं उनका खर्चा भी बढ़ जायेगा.

  • Share this:
जयपुर. कोविड काल के चलते हज यात्रा- 2021 (Haj Yatra) के नियम कायदों में बड़ा बदलाव किया गया है. कोरोना के कारण सऊदी अरब सरकार (Saudi Arabian Government) ने वहां हज यात्रियों के लिये नई गाइडलाइन जारी की है. वहीं हज यात्रियों के खर्चों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है. इससे अब हज यात्रा न केवल महंगी हो गई, बल्कि कई तरह के प्रतिबंधों के कारण अब इसमें यात्रियों को बहुत सी बुनियादी सुविधायें (Basic facilities) भी नहीं मिल पायेंगी.

इस बार सोशल डिस्टेंसिंग के कारण हज यात्रियों को रहने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत होगी. सऊदी सरकार ने वैट की दर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है. वहीं वीजा फीस भी इस साल से लागू कर दी गई है. दूसरी ओर सऊदी में इस बार कोरोना की वजह से बसों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करना अनिवार्य किया गया है. इसके चलते इस बार में बस में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिये 45 के बजाय 15 यात्री ही सफर करेंगे. इस कारण किराया ज्यादा देना होगा. इस वजह से किराये का खर्च तीन गुना अधिक होगा.

यह भी पढ़ें- Haj Yatra-2021: कोविड-19 के कारण बुजुर्गों को नहीं मिलेगी इजाजत, ये नई शर्तें होंगी लागू



यात्रियों को पहले क्वॉरेटाइन रहना होगा
सऊदी सरकार के नये नियमों के तहत हज के लिये आने वाले यात्रियों को पहले क्वॉरेटाइन रहना होगा. वहीं हज यात्रा पर जाने के तीन दिन पहले हज यात्री को कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य होगा. अगर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो हज यात्रा निरस्त हो जाएगी. कोरोना की वजह से हज की अवधि भी 40 दिन से घटाकर 30 से 35 दिन की कर दी गई है. कोरोना महामारी की वजह से गर्भवती महिलाएं, लीवर, किडनी, कैंसर, हृदय रोगियों को हज यात्रा पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

1000 से 25000 रुपये तक लग सकता है जुर्माना
केन्द्रीय हज कमेटी के अनुसार हज यात्रा के लिए चयनित होने के बाद अगर कोई यात्री अपना आवेदन निरस्त कराता है तो उसके लिए पैसा देना होगा. 31 मार्च तक आवेदन निरस्त करने पर 1000 रुपये, एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक निरस्त करने पर 5000 रुपये काटे जाएंगे. फ्लाइट के दिन मौके पर न पहुंचने या फ्लाइट मिस करने वालों को कम से कम 25 हजार रुपये या एक तरफ का हवाई जहाज के किराये के बराबर जुर्माना देना होगा. इसके साथ ही हज यात्रा करने के संबंध में कुछ नये नियम और भी लागू किये गये हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज