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राज्य में पीपीपी मोड पर खुलेंगे स्वास्थ केंद्र, गांव से अस्पताल तक मिलेगी एम्बूलेंस

राज्य में पीपीपी मोड पर खुलेंगे स्वास्थ केंद्र, गांव से अस्पताल तक मिलेगी एम्बूलेंस

प्रदेश में स्वास्‍थ्‍य सेवाओं में सरकारी स्तर पर सुधार के साथ-साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप फार्मूला भी लागू करने की तैयारी में है राजस्थान सरकार। शुरूआती दौर में 90 स्थानों पर पीपीपी मोड में स्वास्‍थ्‍य केंद्र शुरू किए जाएगें। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बुधवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी।

प्रदेश में स्वास्‍थ्‍य सेवाओं में सरकारी स्तर पर सुधार के साथ-साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप फार्मूला भी लागू करने की तैयारी में है राजस्थान सरकार। शुरूआती दौर में 90 स्थानों पर पीपीपी मोड में स्वास्‍थ्‍य केंद्र शुरू किए जाएगें। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बुधवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी।

प्रदेश में स्वास्‍थ्‍य सेवाओं में सरकारी स्तर पर सुधार के साथ-साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप फार्मूला भी लागू करने की तैयारी में है राजस्थान सरकार। शुरूआती दौर में 90 स्थानों पर पीपीपी मोड में स्वास्‍थ्‍य केंद्र शुरू किए जाएगें। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बुधवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी।

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प्रदेश में स्वास्‍थ्‍य सेवाओं में सरकारी स्तर पर सुधार के साथ-साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप फार्मूला भी लागू करने की तैयारी में है राजस्थान सरकार। शुरूआती दौर में 90 स्थानों पर पीपीपी मोड में स्वास्‍थ्‍य केंद्र शुरू किए जाएगें। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बुधवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी।

राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए जा रहे है। इसके तहत पीपीपी मोड पर भी स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की योजना बनाई गई हैं। साथ ही जिन स्थानों पर चिकित्सकों की कमी है, वहां एम्बुलेंस द्वारा एक निश्चित समय पर लोगों को समीपवर्ती स्वास्थ्य केन्द्र में लाने और इलाज के बाद वापस छोडऩे की योजना है।

एक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को मिलेंगे 33 लाख रुपए
पीपीपी मोड पर जो केन्द्र खोले जाएंगे उनके लिए एक वर्ष के लिए 33 लाख रुपए दिए जाएंगे। इन केन्‍द्रों का संचालन सरकार के निर्धारित मापदंडानुसार होगा।

पूर्ववर्ती सरकार ने बिना बजटीय प्रावधान की घोषणा
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में नियमों को दरकिनार कर भी स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए। इसी वजह से प्रदेश में वर्तमान में 71 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 302 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 943 उपकेन्द्र खोले जाने की आवश्यकता है। पिछली सरकार ने बजटीय प्रावधान किए बिना ही एक साथ 600 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 125 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 2 हजार उपकेन्द्र खोलने की घोषणा की।

प्रदेश में 2088 स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, एक पर खर्च करीब 35 लाख
एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में वेतन एवं संचालन व्यवस्था के लिए लगभग 35 लाख रुपए की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय जिन 600 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की बजटीय प्रावधान के बिना खोलने की घोषणा की गई थी, उनमें से 50 ही खुले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखेगी और इनके लिए बजटीय प्रावधान करने के प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2,136 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की आवश्यकता है और वर्तमान में 2 ,088 संचालित हैं।
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