ताबड़तोड़ बारिश ने महज दस दिन में बदल डाली प्रदेश की सूरत, अब चारों तरफ पानी ही पानी

गत एक करीब 10 दिन से ज्यादा समय से ताबड़तोड़ हो रही बारिश ने प्रदेश की सूरत बदलकर रख दी है. जहां पहले रेत के उड़ते बवंडर दिखाई देते थे वहां अब चारों तरफ पानी ही पानी नजर आता है. प्रदेश में बारिश का आंकड़ा मानइस से प्लस में आ गया है.

News18 Rajasthan
Updated: August 2, 2019, 4:12 PM IST
ताबड़तोड़ बारिश ने महज दस दिन में बदल डाली प्रदेश की सूरत, अब चारों तरफ पानी ही पानी
अजमेर में बहता पानी का दरिया। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
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Updated: August 2, 2019, 4:12 PM IST
गत एक करीब 10 दिन से ज्यादा समय से ताबड़तोड़ हो रही बारिश ने प्रदेश की सूरत बदलकर रख दी है. मानसून के प्रदेश में प्रवेश के बाद भी 25 जुलाई तक उसके सक्रिय होने के होने इंतजार में प्रदेशवासी रोज बादलों की आवाजाही देखकर मन मसोसकर रह रहे थे. बारिश के अभाव में बांध खाली हो गए थे. जयपुर और पाली समेत कई इलाकों में भीषण पेयजल संकट के चलते लोगों के हलक सूखने लग गए थे.

25 जुलाई से शुरू हुआ सिलसिला
25 जुलाई के बाद मानूसन ने अपना जो रूप दिखाया तो प्रदेश की सूरत बदल गई और अतिवृष्टि वाले इलाकों में लोग बारिश से नाम से सहमने लग गए. इसका असर यह हुआ जहां पहले रेत के उड़ते बवंडर दिखाई देते थे वहां अब चारों तरफ पानी ही पानी नजर आता है. प्रदेश में बारिश का आंकड़ा मानइस से प्लस में आ गया है.

25 जुलाई से 29 जुलाई के बीच बदले हालात

25 जुलाई से 29 जुलाई के बीच मानसून के बादल प्रदेश में एक बार बरसे तो फिर बरसते ही गए. प्रदेश में 25 जुलाई से पहले सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश थी जो कि 29 जुलाई के बाद सामान्य से करीब 16 फीसदी ज्यादा हो गई. 25 जुलाई से पहले जयपुर संभाग में सामान्य से 21 फीसदी बारिश कम थी, लेकिन 25 जुलाई से 29 जुलाई के बीच की अवधि में ये सामान्य से 40 फीसदी ज्यादा गई. इसी तरह अजमेर संभाग में 20 फीसदी बारिश कम थी, लेकिन उन पांच दिनों यहां बादल इतने बरसे की 33 फीसदी ज्यादा बारिश हो गई.

लगभग सभी संभाग प्लस में आए
कोटा संभाग में भी 25 जुलाई तक 18 फीसदी बारिश कम थी, लेकिन बाद में यह 16 फीसदी ज्यादा का आंकड़ा पार कर गई. भरतपुर संभाग में यह 6 फीसदी कम थी, जो कि बाद में 16.6 फीसदी ज्यादा हो गई. बीकानेर संभाग में 39 फीसदी कम बारिश थी. वह अब कम होकर महज 9.6 फीसदी रह गई. जोधपुर संभाग में इस अवधि में 50 फीसदी कम बारिश थी, लेकिन बाद में इसका आंकड़ा भी सिमटकर 26 फीसदी रह गया. यह आंकड़ा तो महज 25 जुलाई से 29 जुलाई के बीच हुई बारिश का है, जबकि बरसात का दौर अभी बदस्तूर जारी है.
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अभी बारिश का दौर जारी है
29 जुलाई के बाद भी मानसून के बादल जमकर बरस रहे हैं. इस समयावधि के बाद 1 अगस्त को अजमेर में तीन घंटे में 114 एमएम बारिश और हो चुकी है. वहीं सिरोही के माउंट आबू में 31 जुलाई की रात 247 एमएम बारिश हुई. इनके अलावा जालोर बूंदी, चित्तौड़गढ़ और जयपुर समेत विभिन्न इलाकों में बारिश जारी है. इससे यह आंकड़ा और बढ़ गया.

आधा दर्जन शहर बाढ़ जैसे हालात झेल चुके हैं
ताबड़तोड़ बारिश का आलम यह है कि गत 10 दिनों में प्रदेश के करीब आधा दर्जन शहर बाढ़ जैसे हालात झेल चुके हैं. इनमें सीकर, कोटा, बूंदी, अजमेर और पाली में हालत एक-एक बार खराब हो चुके हैं. जयपुर में भी इस अवधि में भारी बारिश के कारण लोगों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी हैं. बारिश के इस दौर में जानमाल का भी काफी नुकसान हुआ। पूरे प्रदेश में करीब ढाई दर्जन लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे.

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First published: August 2, 2019, 4:06 PM IST
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