हाईकोर्ट ने बचाया टूटता परिवार, चार साल से अलग रह रहे पति-पत्नी हुए एक

ETV Rajasthan
Updated: October 13, 2017, 3:02 PM IST
हाईकोर्ट ने बचाया टूटता परिवार, चार साल से अलग रह रहे पति-पत्नी हुए एक
पत्नी बरखा
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Updated: October 13, 2017, 3:02 PM IST
कहते हैं कोर्ट कचहरी के चक्कर में अक्सर परिवार टूट जाया करते हैं. लेकिन राजस्थान हाई कोर्ट के मिडिएशन सेंटर ने इसके उलट एक टूटते परिवार को फिर से जोड़ने का काम किया है. जयपुर में रहने वाले रविन्द्र और बरखा की शादी साल 2004 में हुई थी. करीब 9 साल सब ठीक चला. लेकिन उसके बाद मामूली बात को लेकर दोनों के बीच अनबन रहने लगी. जिस पर 2013 में दोनों अलग हो गए.

मामला कोर्ट पहुंचा. जहां पर फैमली कोर्ट ने पति रविन्द्र सिंह को 8 हजार रुपए भरण पोषण देने के निर्देश दिए. इस पर रविन्द्र भरण पोषण कम करवाने, वहीं पत्नी बरखा ने बढ़वाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली. यह मामला जस्टिस सबीना की अदालत में शुरू हुआ. जस्टिस सबीना ने मामले को समझा और सुलह के लिए मिडिएशन सेंटर पहुंचाया.

मिडिएशन सेंटर में मिडिएटर जेपी गुप्ता ने दोनों की पहली ही सीटिंग में सुलह करवा दी. दोनों ने एक बार फिर से साथ-साथ रहने का फैसला किया. जिसके बाद खुद जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस सबीना ने दोनों को आशीवार्द देकर हाईकोर्ट से विदाई दी. इससे पहले दोनों ने एक दूसरे को माला पहनाकर व मिठाई खिलाकर एक साथ रहने का फैसला किया. मामले में राजस्थान हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के चैयरमेन जस्टिस मोहम्मद रफीक ने बताया कि हाई कोर्ट का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा.
(सचिन कुमार)
First published: October 13, 2017
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