जयपुर: 96 दिन बाद अनलॉक हुए कोर्ट, एंट्री से लेकर पैरवी तक के लिए गाइडलाइन तय
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जयपुर: 96 दिन बाद अनलॉक हुए कोर्ट, एंट्री से लेकर पैरवी तक के लिए गाइडलाइन तय
कोर्ट का कामकाज फिर शुरू हो गया है.

65 वर्ष की आयु से अधिक के अधिवक्तता और जो अधिवक्तता कोर्ट नहीं आना चाहते उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करने का भी विकल्प दिया गया है.

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जयपुर. करीब 96 दिन बाद आज से राजस्थान (Rajasthan) की सभी अदालतें अनलॉक (Unlock) हो गई हैं. हाईकोर्ट से लेकर अधीनस्थ अदालतों में नियमित रूप से सुनवाई शुरू कर दी गई है. इससे पहले अदालतों ने केवल जरूरी मामलों की वीसी के जरिए ही सुनवाई हो रही थी. हाईकोर्ट (Jaipur High court) में मैनुअल सुनवाई पूरी तरह से बंद थी. अदालतों में प्रवेश से लेकर पैरवी करने तक के लिए गाइडलाइन जारी की गई है. हाईकोर्ट में टू लेयर स्केनिंग के बाद ही अधिवक्ताओं को प्रवेश दिया जा रहा है. वहीं, 65 वर्ष की आयु से अधिक के अधिवक्तता और जो अधिवक्तता कोर्ट नहीं आना चाहते उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करने का भी विकल्प दिया गया है.

ई-पास से ही मिल रहा प्रवेश

हाईकोर्ट मुख्यपीठ जोधपुर और जयपुर में अधिवक्ताओं को ई-पास से ही प्रवेश दिया जा रहा है. वहीं केवल उन्हीं अधिवक्ताओं के ई-पास जारी हो रहे है,जिनके मामले आज लिस्ट हुए है.  हाईकोर्ट में प्रवेश के लिए टू लेयर थर्मल स्केनिंग की व्यवस्था की गई है. इसके मद्देनजर हाईकोर्ट कॉरिडोर में एंट्री के समय थर्मल स्केंनिग की जा रही है. उसके बाद कोर्ट में प्रवेश करते समय स्केंनिग की जाती है. वहीं कोर्ट में एक साथ 5 अधिवक्ताओं को ही प्रवेश दिया जा रहा है. इसके साथ ही कोरोना का संक्रमण नहीं फैले इसके लिए अधिवक्ताओं को कोट और गाउन पहनने से भी छूट दी गई.



हाईकोर्ट में पक्षकारों की एंट्री रहेगी बैन



अदालतें खुलने के बाद भी हाईकोर्ट में पक्षकारों की एंट्री पूरी तरह से बैन रहेगी. केवल उन्हीं पक्षकारों को अदालत में प्रवेश दिया जाएगा जिन्हें कोर्ट ने बुलाया होगा. वहीं कोर्ट रूम में केवल वही वकील प्रवेश कर सकेंगे जिनका मामला लिस्ट होगा. हालांकि, चेम्बर्स में वकील और पक्षकारों की एंट्री पहले की तरह ही रहेगी.

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अधीनस्थ अदालतों में नहीं चलेगी ट्रायल

हालांकि, प्रदेश की तमाम अधीनस्थ अदालतें आज से ही काम करने लग गई है, लेकिन फिलहाल मामलों की ट्रायल के लिए अगस्त तक इंतज़ार करना होगा. आज से अदालतों में रिमांड,बेल,सुपुर्दगी,स्टे,फाइनल बहस और अपील सहित अन्य तरह के न्यायिक काम होंगे, लेकिन मामलों की ट्रायल अगस्त माह में ही शुरू हो पाएगी.

 
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