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हनी ट्रैप: 1 साल में प्रदेशभर में दर्ज हुए 30 प्रकरण, 21 में चालान पेश

जयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में हनी ट्रैप के कुल 17 प्रकरण दर्ज हुए हैं.

जयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में हनी ट्रैप के कुल 17 प्रकरण दर्ज हुए हैं.

हनीट्रैप के सर्वाधिक मामले जयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग (Jaipur, Jodhpur and Ajmer divisions) में दर्ज हुए हैं. हनी ट्र ...अधिक पढ़ें

    जयपुर. प्रदेश में हनी ट्रैप (Honey trap) के मामले बढ़ते जा रहे हैं. पिछले करीब एक साल में प्रदेशभर में हनी ट्रैप के 30 प्रकरण (Case) सामने आ चुके हैं. इनमें से 21 मामलों में चालान (Chargesheet) पेश कर दिया गया है. हनीट्रैप के सर्वाधिक मामले जयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग (Jaipur, Jodhpur and Ajmer divisions) में दर्ज हुए हैं. हनी ट्रैप के मामलों में 94 आरोपियों को गिरफ्तार (Arrested) किया जा चुका है.

    हनी ट्रैप के प्रकरणों में त्वरित गति से कार्रवाई की जा रही है
    हनी ट्रैप का मामला गुरुवार को विधानसभा में उठा. प्रश्नकाल में विधायक कालीचरण सराफ ने हनी ट्रैप के दर्ज प्रकरणों से जुड़ा सवाल पूछा था. इस पर मंत्री शांति धारीवाल ने जवाब देते हुए बताया कि हनी ट्रैप के प्रकरणों में त्वरित गति से कार्रवाई की जा रही है. इसके साथ ही इनकी रोकथाम के भी उपाय किए जा रहे हैं. धारीवाल ने सदन को बताया कि 1 दिसंबर 2018 से 31 जनवरी 2020 तक हनी ट्रैप के 30 प्रकरण दर्ज हुए हैं. इनमें से 21 मामलों में चालान पेश कर दिया गया है और 94 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

    सर्वाधिक मामले जयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में
    धारीवाल ने सदन में हनी ट्रैप के आंकड़े रखते बताया कि इस अवधि में जयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में हनी ट्रैप के कुल 17 प्रकरण दर्ज हुए हैं. इनमें से 9 प्रकरणों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है. एक प्रकरण में एफआर लगी है. 7 में अनुसंधान जारी है. जांच के बाद 27 आरोपियों को इन मामलों में गिरफ्तार कर चालान पेश किया गया है. अकेले जयपुर कमिश्नरेट में 2 साल में हनी ट्रैप के 9 प्रकरण दर्ज हुए हैं. इनमें से 6 प्रकरणों में 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया गया है. एक प्रकरण में एफआर लगी है और 2 मामलों में अनुसंधान जारी है.

    जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है
    धारीवाल ने इनकी रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रयासों की सदन को जानकारी देते हुए कहा कि एसओजी की ओर से 18 संगठित अपराधों के अन्वेषण की जो कार्ययोजना तैयार की जा रही है उसमें यह बिन्दू भी शामिल होगा. हनी ट्रैप की रोकथाम के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके साथ ही सीएलजी मीटिंग और सोशल मीडिया के जरिए भी जागरुकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.

    (रिपोर्ट- सुधीर शर्मा, दिनेश शर्मा, गोवर्धन चौधरी एवं बाबूलाल)



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