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वॉर रूम जहां नेताओं को 'मीडिया के जाल' से बचने की ट्रेनिंग देती है बीजेपी

News18Hindi
Updated: November 26, 2018, 10:30 PM IST

जयपुर के सिविल लाइंस इलाके में सवाई प्रताप सिंह रोड पर बंगला नंबर 16 को राजस्‍थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी का मीडिया सेंटर बनाया गया है.

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मानस मितुल

जयपुर के सिविल लाइंस इलाके में सवाई प्रताप सिंह रोड पर बंगला नंबर 16 बाहर से एक महत्‍वपूर्ण केंद्र नजर आता है. यह बंगला राजस्‍थान के राजभवन के पास ही मौजूद है. बंगले की ऊंची लाल दीवारों पर लगे एक बैनर पर लिखा है, 'जयपुर के महाराजा का परिवार.' लेकिन बंगले के अंदर जाने पर पता चलता है कि यह जगह बाहर से जितनी अहम दिखती है उससे कहीं ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि यह राजकुमारी दीया कुमारी का निजी निवास है और राजस्‍थान विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी का मीडिया सेंटर बनाया गया है. यहां पर अमूमन भीड़ कम ही रहती है केवल प्रेस कांफ्रेंस होने पर ही यहां लोगों की भीड़ नजर आती है.

यह बंगला बीजेपी का मीडिया सेंटर है. यहीं पर चुनाव का एजेंडा तय होता है और इसके बाद अखबारों और टीवी चैनलों के जरिए उस एजेंडे को आगे बढ़ाया जाता है. यहां पर बैठी टीम दिन में 16 घंटे तक आठ न्‍यूज चैनलों पर नजर रखती है, पॉजीटिव और नेगेटिव कवरेज का अध्‍ययन करती है. इसके बाद मीडिया में पॉजीटिव कवरेज बढ़ाने और नेगेटिव घटाने के लिए रणनीति बनाई जाती है.

सुबह छह बजने के साथ ही प्रत्‍येक अखबार की हरेक लाइन को गौर से पढ़ा जाता है और नेगेटिव कवरेज को मार्क किया जाता है ताकि उसका जवाब दिया जा सके. बीजेपी के राज्‍य चुनाव की मीडिया रणनीति यहीं तैयार की जाती है.

एक महीने पहले ही इस मीडिया सेंटर को यहां सेट अप किया गया. 1 अक्‍टूबर को आधिकारिक रूप से इसका उद्घाटन हुआ लेकिन इसने उससे तीन दिन पहले ही काम करना शुरू कर दिया था.

मीडिया लाइजन के सह प्रमुख प्रमोद वशिष्‍ठ बताते हैं, 'हम सभी न्‍यूज चैनलों की प्राइम टाइम डिबेट को देखते हैं. और यदि उनमें कोई सुधार करना होता है तो हम वह करते हैं.' वह सुबह नौ बजे दफ्तर आते हैं और रात नौ बजे तक रहते हैं.

वह पार्टी और मीडिया के बीच पुल की भूमिका निभाते हैं. वह यह तय करते हैं कि सभी अखबारों में बीजेपी को पर्याप्‍त जगह मिले, टीवी पर बीजेपी प्रवक्‍ताओं को पूरा समय मिले. वे देखते हैं कि कितनी कवरेज नेगेटिव है और कितनी पॉजीटिव.
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रिसर्चर्स की एक टीम बीजेपी प्रवक्‍ताओं और पैनलिस्‍ट को राजस्‍थान चुनाव से जुड़े जरूरी दस्‍तावेज और सूचनाएं मुहैया कराती है.
पार्टी के नेताओं को बताया जाता है कि क्‍या कहना है, कितना कहना है और कौनसा मुद्दा कब उठाना है. और यदि वे टीवी पर बोलते समय लड़खड़ा जाते हैं तो वशिष्‍ठ की टीम उसमें सुधार करने को कहती है.


अजमेर संभाग की मीडिया को देखने वाले योगेश सिंह सिसोदिया ने बताया, 'यह मीडिया के लिए हमारा वॉर रूम है.' यह वॉर रूम राजस्‍थान के सभी सातों संभाग जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और उदयपुर पर नजर रखता है.

बीजेपी ने सभी संभाग, जिले और विधानसभा क्षेत्र में मीडिया इंचार्ज बनाए हैं. ये लोग जयपुर में बने मीडिया सेंटर को रिपोर्ट करते हैं और वहां होने वाली हरेक गतिविधि की सूचना देते हैं.
सभी इनपुर के आधार पर उस दिन की रण‍नीति तैयार होती है. न्‍यूज चैनलों पर उठाए जाने वाले मुद्दों की पहचान की जाती है. सुबह 11 बजे तक सारी जानकारी टीवी पर आने वाले नेताओं तक पहुंचा दी जाती है. एक बीजेपी नेता ने बताया, 'पार्टी की लाइन सुबह जल्‍दी ही तय हो जाती है.'

इसके बाद यदि पार्टी किसी मामले पर फंसती है तो शाम में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई जाती है ताकि उसका सामना किया जा सके.
सुबह की बैठक में टीवी और अखबारों के अलावा सोशल मीडिया की रणनीति भी तय हो जाती है. सोशल मीडिया के लिए अलग से टीम बनी है लेकिन मीडिया सेंटर की टीम उनसे लगातार संपर्क में रहती है.


राजस्‍थान बीजेपी के मीडिया इंचार्ज विनय कटियार मीडिया से जुड़े सभी मामलों को देखते हैं. वह काफी पहले से आरएसएस से जुड़े रहे हैं. वह 2013 के विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनाव के समय भी राजस्‍थान मीडिया इंचार्ज थे.

वे बताते हैं, 'उस समय सोशल मीडिया उतना सक्रिय नहीं था जितना आज है. लेकिन बढ़ते उपयोग के साथ दुरुपयोग भी बढ़ता है.' कटियार ने बताया कि सोशल मीडिया के चलते झंडे, बैनर और पोस्‍टर की भूमिका खत्‍म हो गई है.

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First published: November 26, 2018, 4:04 PM IST
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