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Hrithik Boxer: फरारी के दौरान गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के संपर्क में था, यूं हुई लॉरेंस बिश्नोई से पहचान

ऋतिक बॉक्सर के खिलाफ जयपुर में आठ, बीकानेर में 3 और हनुमानगढ़ में 1 केस दर्ज है.

ऋतिक बॉक्सर के खिलाफ जयपुर में आठ, बीकानेर में 3 और हनुमानगढ़ में 1 केस दर्ज है.

Hrithik Boxer Crime History: नेपाल के बॉर्डर से पकड़ा गया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) का खास गुर्गा ऋतिक ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ऋतिक बॉक्सर को नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया है
ऋतिक को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा
बॉक्सर के खिलाफ विभिन्न जिलों में एक दर्जन केस दर्ज हैं

विष्णु शर्मा.

जयपुर. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के सबसे नजदीकी 1 लाख रुपये के ईनामी बदमाश ऋतिक बॉक्सर (Hrithik Boxer) को जयपुर पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से दबोच लिया है. जयपुर पुलिस दो दिन बाद रितिक बॉक्सर को लेकर सोमवार को जयपुर पहुंची. अब ऋतिक की गिरफ्तारी के बाद उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा. चार माह तक फरारी के दौरान ऋतिक बॉक्सर विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और अनमोल बिश्नोई से मोबाइल के जरिए सीधे संपर्क में था. उनके बातचीत करके ही उसने जयपुर में वारदातों को अंजाम दिया. जयपुर पुलिस को ऋतिक बॉक्सर के नेपाल से होकर भारत में प्रवेश करने की सूचना मिली थी. इस पर जयपुर पुलिस ने भारत नेपाल बॉर्डर पर 18 मार्च की रात को ऑटो रिक्शा में बैठकर आ रहे रितिक को पुलिस ने पकड़ लिया.

जयपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाशचंद्र बिश्नोई ने बताया कि जयपुर में 28 जनवरी को जी क्लब पर रंगदारी वसूलने के लिए हुई फायरिंग में ऋतिक बॉक्सर मुख्य आरोपी है. वह जयपुर में मालवीय नगर का रहने वाला है. 22 वर्षीय ऋतिक बॉक्सर राजस्थान में लॉरेंस के लिए काम करता है. ऋतिक के खिलाफ जयपुर में आठ, बीकानेर में 3 और हनुमानगढ़ में 1 मुकदमा दर्ज है. उनमें रंगदारी वसूलने के लिए धमकियां देने और फायरिंग के आरोप हैं.

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ऋतिक बॉक्सर रक्सौल बॉर्डर से वीरगंज नेपाल में घुसा
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाशचंद्र बिश्नोई के मुताबिक ऋतिक बॉक्सर को फायरिंग केस में 5 साल की सजा हुई थी. इसके बाद 21 नवंबर 2022 को ऋतिक बॉक्सर ने अपने साथी युद्धवीर सिंह, महकदीप और विक्रम विश्नोई के जरिए हनुमानगढ़ में धानमंडी में एक कारोबारी पर फायरिंग करवाई. तब पुलिस से बचने के लिए ऋतिक बॉक्सर राजस्थान से भागकर यूपी में गोरखपुर पहुंचा. वहां रक्सौल बॉर्डर से वीरगंज नेपाल में घुस गया. वहां 4 महीने में ऋतिक बॉक्सर ने नेपाल में अलग अलग पेइंग गेस्ट हाउस में ठहरकर फरारी काटी.

जयपुर जेल में वर्ष 2019 में हुई थी संपत नेहरा के जरिए लॉरेंस से पहचान
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि ऋतिक बॉक्सर वर्ष 2019 में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद था. वहीं संपत नेहरा के माध्यम से ऋतिक की पहचान गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई से हुई थी. बाद में ऋतिक ने गोल्डी बराड़ और अनमोल बिश्नोई से पहचान होने पर गैंग ज्वाइन कर ली और अपराध जगत में सक्रिय हो गया. उसके बाद वह तेजी से अपनी पहचान बनाने लगा और लॉरेंस बिश्नोई के काफी नजदीक आ गया.

Tags: Crime News, Jaipur news, Lawrence Bishnoi, Rajasthan news

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