Rajasthan: तबादलों पर सीएम गहलोत की सख्ती, बेअसर रही IAS-IPS अधिकारियों की गुहार
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Rajasthan: तबादलों पर सीएम गहलोत की सख्ती, बेअसर रही IAS-IPS अधिकारियों की गुहार
सीएम अशोक गहलोत ने तबादला निरस्त करने से दो टूक मना कर दिया.

सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने इस बार तबादलों को लेकर ब्यूरोक्रेट्स (Bureaucrates) के प्रति काफी सख्ती दिखाई है. लंबे अरसे के बाद ऐसा हुआ है कि आईएएस और आईपीएस (IAS and IPS) की जंबो तबादला सूची के बाद कोई संशोधित सूची जारी नहीं हुई है.

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जयपुर. सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने इस बार तबादलों को लेकर ब्यूरोक्रेट्स (Bureaucrates) के प्रति काफी सख्ती दिखाई है. लंबे अरसे के बाद ऐसा हुआ है कि आईएएस और आईपीएस (IAS and IPS) की जंबो तबादला सूची के बाद कोई संशोधित सूची जारी नहीं हुई है. हालांकि इन तबादला सूचियों में ठंडी पोस्ट पर लगाए गये करीब दो दर्जन आईएएस ने सीएमओ तक का दरवाजा खटखटाकर अपना तबादला निरस्त करवाने के प्रयास किये, लेकिन किसी की नहीं सुनी गई. इसके जरिये सीएम ने यह साफ संदेश दे दिया कि जिसका जहां तबादला किया गया उसे वहीं ज्वॉइन करना पड़ेगा. तबादला निरस्त नहीं होगा. सीएम गहलोत की सख्ती का असर यह हुआ की तबादला सूची जारी होने के दूसरे-तीसरे दिन ही अधिकांश आईएएस और आईपीएस अफसरों ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया.

103 आईएएस और 66 आईपीएस अफसरों के तबादले
गहलोत सरकार ने गत 3 जुलाई को बड़े स्तर पर ब्यूरोक्रेसी में फेरबदल करते हुए 103 आईएएस और 66 आईपीएस अफसरों के तबादले किए थे. आमतौर पर राज्य में यह पुरानी रवायत रही है कि राज्य का कार्मिक विभाग तबादला जारी होने के दूसरे दिन संशोधित सूची जारी कर देता है. इस संशोधित सूची में वो अधिकारी शामिल रहते हैं जो तबादले से असंतुष्ट होने के कारण जुगाड़ लगाते हैं और अपना तबादला या तो कैंसिल करवा लेते हैं फिर मनचाही पोस्टिंग पाने में सफल रहते हैं. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. तबादलों में फेरबदल की आस लगाए आईएएस और आईपीएस अफसरों को मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट कह दिया कि सरकार की मंशा गुड गवर्नेंस की है. लिहाजा ऐसे में कोई तबादला निरस्त नहीं हो सकता.

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सीएमओ की दो टूक, तबादले की गुहार नहीं लगाए


3 जुलाई की रात को तबादला सूची जारी होते ही कई आईएएस अफसर तबादला निरस्त कराने के लिए सक्रिय हो गए. करीब दो दर्जन आईएएस-आईपीएस अफसरों ने अपने संपर्कों के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय के मार्फत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक तबादला निरस्त करवाने का अनुरोध किया. लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तबादला निरस्त करने से दो टूक मना कर दिया. मुख्यमंत्री की हरी झंडी नहीं मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के आला अधिकारियों ने भी तबादला निरस्त कराने की आस लगाए हुए आईएएस अफसरों से साफ शब्दों में कह दिया कि जहां तबादला किया गया है वहीं काम करना होगा.

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आधी रात को तबादला करने की यह है वजह
प्रदेश में किसी भी दल की सरकार हो लेकिन एक बात हर सरकार में समान होती है. बीजेपी राज हो या कांग्रेस आईएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले रात्रि में किये जाते हैं. राज्य का कार्मिक विभाग रात्रि के 12 बजे बाद या 12 बजने से कुछ मिनट पहले ही आईएएस और आईपीएस अफसरों की तबादला सूची जारी करता है. आधी रात को तबादला सूची जारी करने के पीछे सरकार की मंशा रहती है कि जिन अफसरों का तबादला किया है वह दूसरे दिन ही पदभार ग्रहण कर ले. सरकार अफसरों को तबादला निरस्त करवाने का समय नहीं देना चाहती है. हालांकि पहुंच वाले अफसर अपने संपर्क माध्यम से तबादला निरस्त करवाने में सफल होते रहे हैं.
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