राजस्थान: ब्यूरोक्रेट्स पर हमेशा भारी पड़ते हैं 'नेताजी', गहलोत राज में ये IAS-IPS हुये 'ट्रांसफर' के शिकार

राज्य की सियासत में ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है. विवाद पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इनमें हर बार जनप्रतिनिधियों का पलड़ा ही भारी रहा है.

राज्य की सियासत में ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है. विवाद पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इनमें हर बार जनप्रतिनिधियों का पलड़ा ही भारी रहा है.

Politicians Vs Bureaucrats: राज्य में गहलोत सरकार ने अपनी पुरानी परिपाटी को कायम रखते हुये मंत्रियों से टकराने वाले अधिकारियों को एक बार फिर उनके पदों से हटा दिया है. प्रदेश में जब-जब भी इनमें टकराव हुआ है तब-तब सरकार ने अधिकारियों को बदल दिया है.

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जयपुर. गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने मंत्रियों से टकराने वाले 6 जिलों के पुलिस अधीक्षकों का तबादला (Transfer) कर अपनी पुरानी परिपाटी को बरकरार रखा है. कार्मिक विभाग ने देर रात जारी की आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची में 6 जिलों के एसपी बदल दिये. इनमें सिरोही, नागौर, सवाई माधोपुर, बारां, प्रतापगढ़ और राजसमन्द एसपी का तबादला कर दिया गया है. इन जिलों के एसपी का विवाद मंत्री से लेकर स्थानीय स्तर पर हो रहा था.

गहलोत सरकार का अब तक का यही इतिहास रहा है कि मंत्री महोदय से टकराने वाले अफसरों को पद से हटना पड़ा है. पूर्व में भी मंत्रियों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे आईएएस और आईपीएस अफसरों के तबादले होते रहे हैं. राज्य की सियासत में ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है. विवाद पहले भी होते रहे हैं, लेकिन हर बार जनप्रतिनिधियों का पलड़ा भारी रहा है. विवादों में हमेशा अफसरों को पद से हटाना पड़ा है.

मंत्रियों से टकराने वाले इन अफसरों को सरकार अब हटा चुकी है

- पूर्व खाद्य मंत्री रमेश मीणा के साथ तनातनी के चलते IAS मुग्धा सिन्हा को अपने पद से हटना पड़ा था.
- पूर्व पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह से टकराने वाले IAS एच गुइटे और श्रेया गुहा को भी हटना पड़ा.

- IAS नरेशपाल गंगवार और मंत्री उदयलाल आंजना के बीच कंट्रोवर्सी हुई तो गंगवार को सहकारिता से हटाकर उद्योग विभाग में लगा दिया गया था.

- परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एवं आयुक्त राजेश यादव और मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के बीच काफी समय तक अनबन रही तो सरकार ने राजेश यादव को परिवहन विभाग से हटा दिया.



- एनएचएम के तत्कालीन निदेशक समित शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के बीच नियुक्तियों को लेकर विवाद हुआ. उसके बाद समित शर्मा को वहां से हटा दिया गया.

- IAS मंजू राजपाल के शिक्षा विभाग में रहते हुए उनकी शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से अनबन चलती रही थी. इसको देखते हुए राज्य सरकार ने मंजू राजपाल को वहां से हटा दिया.

- माइंस के मामलों को लेकर खान विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव दिनेश कुमार और मंत्री प्रमोद जैन भाया के बीच भी विवाद काफी चर्चित रहा. लिहाजा उनका भी छह माह में ही ट्रांसफर कर दिया गया.

- मंत्रियों और विधायकों के निशाने पर रहे IAS यज्ञमित्र सिंह देव, डा. कुंजबिहारी पांड्या, संदेश नायक, हिमांशु गुप्ता, अंशदीप और ओमप्रकाश को अपने तत्कालीन पदों से हटना पड़ा था.

CMO से लेकर PHQ तक पहुंची शिकायत

मंत्रियों से भिड़ने वाले ब्यूरोक्रेट्स पर अक्सर तबादले की गाज गिरती रही है. ताजा मामले में सिरोही, नागौर और सवाई माधोपुर एसपी को जनप्रतिनिधियों के विरोध का सामना करना पड़ा है। सिरोही एसपी शराब माफियाओं से मिलीभगत के आरोप में विवादित रहे तो सरकार ने उनका तबादला कर दिया. जबकि नागौर एसपी श्वेता धनखड़ सिंह की सांसद हनुमान बेनीवाल से पटरी नहीं बैठ रही थी. इन अफसरों के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर पुलिस मुख्यालय तक शिकायत की गई थी.

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