Rajasthan: सांसद-विधायकों के सम्मान में खड़े नहीं हुए तो अफसरों को पड़ेगा भारी, जानिए पूरा मामला

प्रदेश में अक्सर ब्यूरोक्रेसी और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की खबरें आती रहती है.
प्रदेश में अक्सर ब्यूरोक्रेसी और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की खबरें आती रहती है.

राजस्‍थान के मुख्य सचिव राजीव स्वरूप (Rajeev Swaroop) ने अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि वे किसी भी सांसद और विधायक (MP or MLA) के आने पर उनके सम्मान में खड़े हों.

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जयपुर. राज्य की अफसरशाही (Bureaucracy) द्वारा सांसदों-विधायकों के प्रति रुखे व्यवहार से क्षुब्ध मुख्य सचिव राजीव स्वरूप (Rajeev Swaroop) ने सख्त हिदायत दी है. उन्‍होंने कहा कि जब कभी कोई सांसद या विधायक (MP or MLA) उनसे मिलने आए तो स्वागत और विदाई के समय उनके सम्मान में खड़ा होना चाहिए. उनके द्वारा बताई समस्या-सुझाव पर विशेष ध्यान देते हुए शीघ्र कार्रवाई की जानी चाहिए.

मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर्स, अतिरिक्त मुख्य सचिव और विभागों के सचिवों को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है. हाल ही में सांसदों और विधायकों ने इस बारे में मुख्य सचिव को पत्र लिखा था. इस पत्र में जनप्रतिनिधियों ने अफसरशाही के प्रति नाराजगी जताई थी. जनप्रतिनिधियों के पत्र पर एक्शन लेते हुए मुख्य सचिव ने यह परिपत्र जारी किया है.

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अफसरों का व्यवहार शालीन एवं विनम्र हो
मुख्य सचिव ने परिपत्र में कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य में पारदर्शी, जवाबदेही एवं संवेदनशील शासन उपलब्ध कराने की है. सांसद-विधायक अपने क्षेत्र की जनता के प्रतिनिधि के रूप में नागरिकों की सार्वभौमिक सत्ता का विधायिका में निर्वहन करते हैं. विकास एवं जनसमस्या संबंधी कार्यों में उनका विशेष योगदान रहता है. ऐसे में उनके प्रति व्यवहार बहुत शालीन एवं विनम्र रहना चाहिए.

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विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी जाए
सर्कुलर में आगे कहा ग‍या है कि जिले में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं या नए प्रारंभ किए जाने हैं, उसकी प्रगति के बारे में सांसद-विधायक को समय-समय पर अवगत कराया जाए. अकाल राहत कार्यों के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों एवं श्रमिक संख्या के बारे में नियमित रूप से उन्हें जानकारी दी जाए. इस संबंध में यदि उनका पत्र प्राप्त होता है तो उसका तत्काल जवाब दिया जाए और समय-समय पर प्रगति से भी अवगत कराया जाए.
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