अवैध बजरी खनन पर मुख्य सचिव और डीजीपी समेत 3 को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

राजस्थान में पिछले डेढ़ साल से बजरी खनन पर रोक के बावजूद अवैध बजरी खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सोमवार को तीन को नोटिस दिया है.

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Updated: July 30, 2019, 10:19 AM IST
अवैध बजरी खनन पर मुख्य सचिव और डीजीपी समेत 3 को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
अवैध बजरी खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सोमवार को सीएस समेत तीन को नोटिस दिया है. (प्रतिकात्मक तस्वीर/Getty Images)
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Updated: July 30, 2019, 10:19 AM IST
राजस्थान में पिछले डेढ़ साल से बजरी खनन पर रोक के बावजूद अवैध बजरी खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सोमवार को मुख्य सचिव समेत तीन को नोटिस दिया है. सीएस के साथ एसीएस खान और डीजीपी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की खंडपीठ ने ऑल राजस्थान बजरी ट्रक ऑपरेटर्स वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष नवीन शर्मा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस तीनों को थमाया है.

पर्यावरण स्वीकृति लिए बिना खनन पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका को मुख्य मामले के साथ जोड़ते हुए यह फैसला सुनाया है. बजरी ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष की नवीन शर्मा की तरफ से दाखिल याचिका में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीनों को नोटिस देकर जवाब तलब किया है.  दअरसल सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 16 नवंबर को 82 एलओआई होल्डर द्वारा किए जा रहे बजरी खनन पर रोक लगा दी थी. तब से ही प्रदेश में बजरी खनन पर रोक जारी है. कोर्ट ने यह रोक केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरण स्वीकृति लिए बिना खनन किए जाने पर लगाई थी.

इधर, उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद भी बजरी खनिज के अवैध खनन, निर्गमन, भंडारण के चलते इसी महीने अतिरिक्त प्रमुख शासन सचिव सुदर्शन सेठी ने आदेश जारी कर खनिज बजरी के अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण के ऊपर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे.

सरकार ने ये कार्रवाई की, जारी किए मुकदमे दर्ज करने के आदेश

पदस्थापित खनिज अभियंता, सहायक खनिज अभियंता से लेकर अतिरिक्त निदेशक स्तर के नियमित शाखा एवं सतर्कता शाखा के अधिकारी मिलकर बजरी खनन और भंडारण पर काम करेंगे. जहां भी अवैध बजरी खनन, निर्गमन के स्टॉक पाए जाने पर उनकी जब्ती कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए. इसके लिए भंडारण करने वाले दलालों, खनन माफिया और बिल्डिंग मटेरियल वाले के खिलाफ पहले रिपोर्टिंग करनी होगी. इसके बाद इनके खिलाफ पुलिस में मुकदमे दर्ज होंगे.

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First published: July 30, 2019, 9:42 AM IST
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